भिवानी नगर परिषद की ओर से 26 अनधिकृत कॉलोनियों के मसौदे को मुख्यालय भेजा हुआ है। इसमें अब कोई अड़चन तो नहीं बताई गई हैं, मगर मामला देरी से जरूर चल रहा है। भिवानी शहर के 31 वार्डाें में 53 अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने की कवायद है। मगर इसमें से 26 कॉलोनियों के मानक ही पूरे कर मुख्यालय भेजे गए हैं। हालांकि अन्य कॉलोनियों की खामियां भी अब दूर कराई जा रही हैं।
पिछले एक दशक से भिवानी शहर का दायरा बढ़ा है। शहरी दायरे के 31 वार्डों की सीमाओं की भी नई हदबंदी के बाद विस्तार हुआ है। कई कॉलोनियां तो इतनी बड़ी हैं कि उन्हें नगर परिषद ने एक्सटेंशन कॉलोनी के रूप में अधिकृत किया है। अधिकृत कॉलोनियों के आसपास कॉफी नई कॉलोनियां भी अब विकसित हो गई हैं। इनमें आबादी भी अब काफी है। जहां रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। हालांकि अनधिकृत कॉलोनियों में डी प्लान के तहत बिजली, पानी और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, मगर नगर परिषद की हद में शामिल होने के बाद इनमें काफी कार्य नगर परिषद अपने खुद के बजट से करा पाएगी।
शहर की इन कॉलोनियों को है अधिकृत कराने की दरकार
शहर के राजीव कॉलोनी, सिटी स्टेशन का क्षेत्र, लोहारू रोड का उत्तम नगर टिब्बा बस्ती, नई बस्ती, डाबर कॉलोनी तोशाम बाईपास का क्षेत्र, हांसी रोड की देव नगर कॉलोनी, जिला जेल के आसपास की कॉलोनी, कोंट रोड डाग फार्म क्षेत्र की कॉलोनी, रोहतक रोड की न्यू डिफेंस कॉलोनी, बैंक कॉलोनी हुन्नामल प्याऊ का क्षेत्र शामिल है।
भिवानी नगर परिषद की हद में आने वाली अनधिकृत कॉलोनियों के मसौदे में अब किसी तरह की कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। सरकार ने उन कॉलोनियों को मंजूरी दी है, जिनके मसौदे करीब तीन से चार माह पहले जा चुके हैं। अगर भिवानी की कॉलोनियों में आब्जेक्शन नहीं लगती तो शायद ये कॉलोनियां भी अधिकृत हो जाती। अब जल्द ही सरकार भिवानी की कॉलोनियों को भी नियमित करेगी। इसके लिए पूरी कोशिश है।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयर पर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।