भिवानी। इन्फ्लूएंजा वायरस यानी एच3 एन2 को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के पास ही फ्लू कॉर्नर बनाया है, जिसमें कोरोना के साथ ही इन्फ्लूएंजा वायरस की सैंपलिंग की व्यवस्था की है। इन सैंपलों को जांच के लिए पीजीआईएमएस रोहतक में भेजा आ जाता है, जहां से पुष्टि होने के बाद नागरिक अस्पताल के फिजिशियन उस मरीज का उपचार शुरू कर सकते हैं। हालांकि जिले में अभी तक इस फ्लू वायरस से ग्रस्त कोई भी मामले सामने नहीं आया है।
जिले में इन्फ्लूएंजा वायरस यानी एच3 एन2 के 13 आशंकित मरीज मिले थे, जिनके सैंपल जांच के लिए पीजीआई भेजे। हालांकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं पिछले साल एच3 एन2 के तीन मरीज सामने आए थे। पहले से एच-1 एन 1 के बाद एच-3 एन 2 भी सक्रिय हो गया है। ऐसे में खांसी, जुकाम को भी लोग इन्फ्लूएंजा वायरस समझ रहे हैं, जिसकी वजह से नागरिक अस्पताल की ओपीडी भी बढ़ी है। अस्पताल की ओपीडी में 40 से 50 खांसी, जुकाम से ग्रस्त मरीज आए हैं। इनकी जांच के बाद चिकित्सक दवा लेने का परामर्श दे रहे हैं।
कोरोना, कोल्ड व इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षणों में अंतर:
- कोरोना में गले में खराश कभी-कभी होती है, जबकि कोल्ड और फ्लू में यह समस्या रहती है।
- तीनों में ही खांसी रहती है।
- कोरोना में छींक नहीं आती, जबकि कोल्ड व फ्लू में छींक आती है।
- कोरोना व फ्लू में बुखार रहता है, जबकि कोल्ड में नहीं होता।
- कोरोना में कभी-कभी बदन दर्द रहता है, जबकि कोल्ड में हल्का सा और फ्लू में बदन दर्द रहता है।
- कोरोना में थकान, सिर दर्द और नाक बहने की समस्या कभी-कभी रहती है। जबकि कोल्ड में ये समस्याएं हल्की सी रहती है और फ्लू में तीनों ही समस्याएं रहती है।
- कोरोना और फ्लू में सांस लेने में तकलीफ हो सकती है, जबकि कोल्ड में नहीं होती।
- कोरोना में स्वाद न आने की समस्या हो सकती है। जबकि कोल्ड में ऐसी कोई समस्या नहीं रहती। वहीं फ्लू में यह समस्या हो सकती है।
जिले में इन्फ्लूएंजा वायरस की जांच के लिए नागरिक अस्पताल में फ्लू कॉर्नर बनाया है, जहां आशंकित मरीज के सैंपल लेकर पीजीआई भेजे जा रहे है। जिले में एच3 एन2 का फिलहाल कोई मरीज सामने नहीं आया है। नागरिकों से अपील है कि इसको लेकर घबराएं नहीं। स्वास्थ्य में गडबड़ी मिलने पर चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।