भिवानी। सीजेएम कोर्ट में अमर्यादित व्यवहार करने वाले दिनोद गेट पुलिस चौकी इंचार्ज एएसआई दशरथ को दो बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी न्यायालय में पेश नहीं हुआ। इस पर कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने एएसआई के खिलाफ पांच हजार का जमानती वारंट जारी किया है।
न्यायालय के आदेशों की अवमानना मामले में कोर्ट की रीडर की शिकायत पर जेएमआईसी राकेश कादियान की कोर्ट ने सुनवाई की। एएसआई को कोर्ट ने तीन अप्रैल को तलब किया था, लेकिन वह दूसरी बार नोटिस के बाद भी न्यायालय में पेश नहीं हुआ। सीजेएम कोर्ट की रीडर बोबी ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की कोर्ट में मामला दायर कर दिया था, जिसकी सुनवाई के दौरान जज ने एएसआई दशरथ को नोटिस जारी कर तीन अप्रैल को कोर्ट में तलब किया था।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि पीड़ित कंवर सिंह पुलिस विभाग में एसपीओ लगे हैं। उसने वाहन कंपनी से 2016 माॅडल का वाहन खरीदा था। हालांकि कंपनी ने उसे 2015 का माडल दे दिया। शिकायतकर्ता ने कंपनी में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर उसे दूसरा वाहन उपलब्ध करा उस वाहन को बदलने का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन पर पीड़ित ने अपना वाहन भिवानी कार्यालय में खड़ा कर दिया था। हालांकि उसके बदले दूसरा वाहन नहीं दिया गया, बल्कि उसे बकाया किस्त जमा कराने का नोटिस भेज दिया।
इस मामले की शिकायत पुलिस में दी थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद इस मामले में 2018 में इस्तगासा डाला गया था, जिसमें न्यायालय ने भी दो बार आदेश दिए, लेकिन दोनों ही बार पुलिस ने एफआईआर खारिज कर दी। इस पर प्रोटेस्ट पिटीशन डाली गई थी, जिसमें एएसआई दशरथ ने सीजेएम के समक्ष दबंगई दिखाई। न्यायालय के आदेशों की अवमानना मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राकेश कादियान ने चार धाराओं 175,176,179,180 के तहत एएसआई को आपराधिक कार्रवाई के लिए तीन अप्रैल को तलब किया था, लेकिन वह न्यायालय में पेश नहीं हुआ। इसी मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राकेश कादियान की कोर्ट ने एएसआई दशरथ के पांच हजार के जमानती वारंट जारी किए हैं।
मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल मैं बाहर हूं। पुलिस कर्मचारी कई बार न्यायालय में पेश नहीं हो पाते हैं, इस वजह से इस तरह के जमानती वारंट जारी हो जाते हैं। ये एक रुटीन प्रक्रिया है।
-बलदेव सिंह, एसएचओ शहर थाना पुलिस भिवानी।