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डीएपी खाद के लिए मारामारी, खाली हाथ घर लौट रहे किसान

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भिवानी। सरसों की बिजाई के साथ ही डीएपी खाद के लिए मारामारी शुरू हो गई है। खाद के लिए कोई किसान 10 दिन तो कोई पांच दिन से केंद्रों के चक्कर काट रहा है। वहीं खाद न मिलने के कारण किसान खाली हाथ ही घर लौट रहे हैं। दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में किसानों को खाद दी जा रही है।
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नई अनाज मंडी स्थित इफ्को केंद्र पर सोमवार को दिनभर किसानों की भीड़ लगी रही। करीब 200 में से महज 60-70 किसानों को ही खाद मिली है। इसके अलावा अन्य किसानों को बिना खाद घर लौटना पड़ा। केंद्र पर पहुंचे किसानों ने बताया कि वे 10 दिनों से रोजाना खाद के लिए आ रहे है मगर उन्हें खाद नहीं मिली है। सोमवार को भी 200 किसानों के नंबर लगे मगर सभी को खाद नहीं मिली। समय पर खाद की बिजाई न होने के कारण खेत की जमीन भी सूख रही है, जिसके कारण किसानों को दोबारा से सिंचाई करनी पड़ रहीं है।
सुबह से खाद लेने के लिए दुकान पर आए हुए है, लेकिन अब तक नंबर नहीं आया है। अधिकतर किसान तो इंतजार करके वापस घर लौट आए है। शाम हो गई है हमारा नंबर भी नहीं आया है। अब तो लग रहा है कि कल फिर से आना पड़ेगा।
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- फतेसिंह, कीर्तिनगर।
सरसों की बिजाई के लिए डीएपी खाद जरूरी है। डीएपी लेने के लिए चार दिनों से चक्कर काट रहे है लेकिन अब तक खाद नहीं मिली है। रोजाना 50 से 60 किसानों को ही खाद दे रहे है। ऐसे में रोजना चक्कर काटकर जा रहे है मगर खाद नहीं मिल रही।
- कर्ण सिंह, रासीवास।
खाद के लिए 10 दिनों से चक्कर काट रहे है, लेकिन अब तक खाद नहीं मिली है। बारिश के बाद सरसों की सिंचाई की जरूरत नहीं थी मगर अब खाद न मिलने की वजह से जमीन सूख गई है। अब सिंचाई के बाद ही बिजाई हो जाएगी। खाद की कमी किसान के लिए आफत बन गई है।
- देवेंद्र, कितलाना।
जिले में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। किसानों को लगातार खाद वितरित की जा रही है। इस सीजन में अब तक करीब ढाई लाख कट्टे किसानों को दिए जा चुके है। फिलहाल जिले में दो हजार टन खाद का स्टॉक है, जिसे किसानों को दिया जा रहा है।
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- डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उप निदेशक भिवानी।
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