ढिगावा मंडी। तापमान में लगातार गिरावट के कारण सरसों में सफेद रतवा बीमारी की आशंका है।
कृषि विभाग के तकनीकी प्रबंधक विजय भूंगला ने बताया कि यदि सरसों की फसल में सफेद रतवा बीमारी के लक्षण दिखाई दे तो किसान 600 से 800 ग्राम मैंकोजेब (डाइथेन एम 45) को 250 से 300 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। सफेद रतवा बीमारी की अवस्था में सरसों के पत्तों के नीचे सफेद धब्बे दिखाई देंगे। कम तापमान होने के कारण सरसों में तना गलन रोग होने की भी आशंका रहती है। इसके उपचार के लिए सरसों बिजाई के 45 से 50 दिन बाद कारबेंडा जिम का एक ग्राम प्रति एक लीटर पानी की दर से स्प्रे करें। इसका दूसरा स्प्रे 65 से 70 दिन के बीच करें। ताकी सरसों की फसल इन बीमारियों के प्रकोप से बची रहे।