भिवानी। अनियमित खानपान, दूषित पानी और भोजन जिले में लगातार पीलिया मरीजों की संख्या बढ़ा रहा है। जिले मेें हर साल पीलिया के औसतन 200 से अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। पीलिया के मरीजों 3 से 4 सप्ताह उपचार चलता है। शरीर में पीलिया अधिक फैलने से लीवर को भी काफी नुकसान हो सकता है। ऐसे में पीलिया से बचाव के लिए अपने आप को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है।
बता दें कि जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन से जांच करवाने के लिए प्रति माह हेपेटाइटिस ए और ई के 15 से 20 मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा हेपेटाइटिस बी के 18 और सी के 62 मरीज नागरिक अस्पताल से दवा ले रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में हेपेटाइटिस बी और सी की दवा और टेस्ट की निशुल्क सुविधा दी गई है। हेपेटाइटिस बी और सी से ग्रस्त मरीजों का उपचार लंबा चलता है। ज्यादातर मरीज तो अस्पताल के वार्डों में दाखिल होकर ही उपचार ले रहे हैं।
हेपेटाइटिस के प्रकार
- हेपेटाइटिस ए : दूषित भोजन और दूषित पानी के सेवन करने से होता है।
- हेपेटाइटिस बी : संक्रमित खून के ट्रांसफ्यूजन, सीमन और दूसरे फ्लूड के एक्सपोजर के कारण होता है।
- हेपेटाइटिस सी : हेपेटाइटिस ए और बी की तुलना में हेपेटाइटिस सी अधिक घातक होता है। ये संक्रमित व्यक्ति के रक्त के जरिये फैलता है।
- हेपेटाइटिस डी : जो लोग पहले से एचबीवी वायरस के संक्रमित होते हैं, वे ही इस वायरस से संक्रमित होते हैं। एचडीवी और एचबीवी दोनों के एक साथ होने के कारण हालत और भी खराब हो जाती है।
- हेपेटाइटिस ई : ई के मामले अन्य हेपेटाइटिस वायरस की तुलना में कम होते हैं, लेकिन ये लिवर के लिए काफी नुकसानदायक माना जाता है। संक्रमित व्यक्ति के मल, दूषित खानपान के कारण हेपेटाइटिस ई की शिकायत हो सकती है।
पीलिया के लक्षण
आंखों में पीलापन आना, त्वचा का पीला पड़ना, जल्दी थकान महसूस होना, पेट में दर्द होना, वजन घटना, भूख न लगना, बुखार आना, थकान, पेट में दर्द, लीवर में सूजन के कारण पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, उल्टी और जी मिचलाना, बुखार, फ्लू जैसे लक्षण, ठंड लगना, गहरे रंग का पेशाब, पेट में दर्द, त्वचा के रंग में बदलाव आदि पीलिया के लक्षण हैं।
पीलिया से ग्रस्त मरीज ये खाएं
फलों का जूस पीएं, ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, ताजा और शुद्ध भोजन करें, थोड़ा-थोड़ा खाना दिन में 4-6 बार खाएं, खाना खाने से पहले अच्छी तरह हाथों को धोएं और इन सबके अलावा दही, मूली, प्याज, पपीता, तुलसी, टमाटर, छाछ, नारियल पानी, धनिया के बीज, गिलोय और शहद को खाने में शामिल करें।
पीलिया रोग की रोकथाम एवं बचाव
- हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों का सेवन करें।
- रोजाना सुबह या शाम में थोड़ी कसरत करें।
- दैनिक जीवन में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
- पीलिया से बचने के लिए शराब से दूर रहें।
पीलिया से बचाव के लिए सबसे अधिक जरूरी है शुद्ध पानी और भोजन। शहर के कई कॉलोनियों में दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है, जिसके कारण काफी लोग पीलिया व पेट संबंधित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हमेशा ध्यान रखें की पानी को पीने से पहले अच्छे से गर्म करें और ठंडा होने के बाद ही पीएं। अस्पताल की ओपीडी में भी पीलिया के नए मरीज आ रहे हैं, जिन्हें दवा के साथ ही उचित सावधानियों का परामर्श दे रहे हैं। मरीज पौष्टिक आहार का सेवन करें और रोजाना व्यायाम करें।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल।