नगर परिषद हाउस की बुधवार को फिर बैठक होगी। इसमें पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य का चुनाव अहम रहेगा। सदस्य के चुनाव में कांग्रेस गुट का प्रत्याशी भाजपा पर भारी पड़ रहा है। बैठक में हंगामे के आसार भी बने हैं।
चुनाव को लेकर नगर परिषद में दो धड़े बने हैं, जिसमें एक सत्ता पक्ष और एक विपक्ष में खड़ा है। फिलहाल विपक्ष का पलड़ा भारी है, क्योंकि उस खेमे में 31 वार्डाें में से 20 पार्षद एक तरफ खड़े हैं। पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य की इसलिए भी सख्त जरूरत है, क्योंकि पिछले करीब पांच माह से विकास कार्यों के भुगतान भी अटके हुए हैं। इसमें स्ट्रीट लाइट रखरखाव का चार माह से कोई भुगतान नहीं हुआ है। इसका असर शहरी दायरे में स्ट्रीट लाइटों पर भी पड़ रहा है।
वहीं अनधिकृत कॉलोनियों के मामले में भी हाउस सदन से प्रस्ताव होने के बाद अब 54 में से 35 कॉलोनियों के हरसेक से कराए गए सेटेलाइट सर्वे के हिसाब से किला और खसरा नंबर से सीमाएं तय करने में अधिकारी जुटे हैं। ये कार्य करीब सप्ताह भर में उन्हें पूरा करना है।
भिवानी नगर परिषद में शहर के विकास मसौदों पर अब नए कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों और पार्षदों के बीच भी ठनी है, इसकी एक वजह यह भी है कि अधिकारी कर्मचारी नहीं होने का बहाने बाजी में जुटे हैं, जबकि पार्षद अपने वार्ड में काम नहीं होने से जनता के प्रति जवाबदेही से बंधे हैं। ऐसे में विकास कार्यों को लेकर बने गतिरोध में पार्षदों का गुस्सा भी हाउस सदन की बैठक में फूट चुका है। इसमें अधिकारियों के सिर ही इसका ठीकरा फोड़ दिया गया है।
डीएमसी भी शहर में विकास कार्यों में तेजी लाने और किसी भी विकास कार्य में देरी पर कोताही सहन नहीं करने की सख्त हिदायत दे चुकी हैं। इसके बाद अब अधिकारियों पर ही दारोमदार है कि अब वे किन विकास कार्याें के पहले मसौदे पूरे करेंगे और किन पर अपना फोकस करेंगे। पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य चुनाव के बाद विकास कार्यों के रुके हुए भुगतान कराने के लिए भी प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी।
भिवानी शहर में गलियों के निर्माण, कचरा निस्तारण, स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के अलावा पार्कों के सुंदरीकरण के काम चल रहे हैं। इसके अलावा अन्य विकास कार्यों के भी जल्द टेंडर कराए जाने हैं। ऐसे में सदस्य चुनाव के बाद ही भुगतान संभव होगा।
मुख्यमंत्री के साथ होगी प्रदेशभर के डीएमसी की बैठक
अनधिकृत कॉलोनियों के मसले को लेकर 25 अक्तूबर को प्रदेशभर के डीएमसी की मुख्यमंत्री के साथ बैठक होगी। इस बैठक में भिवानी जिले के अनधिकृत कॉलोनियों का मुद्दा भी रखा जाएगा। क्योंकि सरकार अब तक दो बार प्रदेश के अन्य जिलों में अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत घोषित कर चुकी है, जिसमें अब तक भिवानी की एक भी कॉलोनी का नंबर नहीं आया। नगर परिषद की कॉलोनी मंजूर हुई न जिला नगर योजनाकार की अनधिकृत कॉलोनी पर अधिकृत की मोहर लगी। अधिकारियों ने पहले चरण में 54 में से 35 कॉलोनियों का खाका तैयार कर इनकी औपचारिकताएं पूरी की हैं, जिसके बाद उम्मीद है कि इन कॉलोनियों को नियमित किया जा सकता है।
नगर परिषद की हद में आने वाली सभी अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत चरणबद्ध तरीके से अधिकृत कराया जाएगा। शहर का कोई भी हिस्सा अनधिकृत दायरे में नहीं रहने देंगे। इसके लिए अधिकारियों को भी जल्द से जल्द बचा हुआ कार्य पूरा किए जाने के डीएमसी ने निर्देश दिए हैं, हमें उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में शहर की अनधिकृत कॉलोनियां नियमित हो जाएंगी। बुधवार को पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य का चुनाव कराया जाएगा।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद, भिवानी।