भिवानी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक डिप्टी डायरेक्टर सहित आठ महिला संरक्षण अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तबादलों के साथ ही दूर दराज के जिलों का अतिरिक्त पदभार भी सौंपा गया है। इससे महिला उत्पीड़न मामलों की सुनवाई में भी परेशानी बनेगी। क्योंकि ये अधिकारी एक जिले से दूसरे जिले में नियमित रूप से मामलों की सुनवाई नहीं कर पाएंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी तबादलों के अनुसार सुनैना डिप्टी डायरेक्टर को गुरुग्राम का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है। अंबाला की महिला संरक्षण अधिकारी अरविंदरजीत कौर को अंबाला से पंचकूला भेजा है। उन्हें यमुनानगर जिले का अतिरिक्त पदभार भी सौंपा है। इसी तरह भिवानी की महिला संरक्षण अधिकारी हरबंस कौर को भिवानी से हिसार तबादला कर दिया है। उन्हें चरखी दादरी जिले का अतिरिक्त पदभार भी दिया है।
फरीदाबाद की महिला संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक को मेवात भेजा है। उन्हें नारनौल का अतिरिक्त पदभार भी सौंप दिया है। इसी तरह फतेहाबाद की महिला संरक्षण अधिकारी रेखा रानी को सिरसा तबादला किया है। उन्हें यहां खाली पद पर भेजा है। हिसार की महिला संरक्षण अधिकारी को सिरसा तबादला कर दिया है। उन्हें भिवानी का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है। नारनौल की महिला संरक्षण अधिकारी सरिता को रेवाड़ी तबादला कर भेजा गया है। उन्हें यहां खाली पद पर भेजा गया है। मेवात की महिला संरक्षण अधिकारी मधू जैन को मेवात से फरीदाबाद भेजा है। महिला संरक्षण अधिकारियों के तबादलों के साथ ही उन्हें दूर दराज के दूसरे जिलों में अतिरिक्त पदभार सौंपे जाने से महिला उत्पीड़न के साथ-साथ बाल विवाह निषेध अधिनियम के मामलों में तत्परता से कार्रवाई करना भी बड़ी परेशानी बनेगी। क्योंकि बाल विवाह से जुड़े मामलों की गुप्त सूचनाएं शादी के चंद घंटे पहले ही मिलती है। ऐसे में बाल विवाह जैसे अपराधों को रोकने में भी काफी दिक्कत बनेगी।