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Bhiwani News: बेमौसम बारिश से मंडी में भीगे किसानों के अरमान, खेत में खड़ी फसलों में नुकसान

Mon, 20 Mar 2023 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। बेमौसम बारिश से मंडी में किसानों के अरमान भीगे तो वहीं खेत में खड़ी फसलों में भी नुकसान हुआ है। जिला मुख्यालय की मंडी में ठप सीवर व्यवस्था और बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से सरसों की फसल की ढेरियां भीग गईं। वहीं, खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी तेज हवाओं से बिछ गई। जिससे फसल की पैदावार में नुकसान की आशंका बनी है। हालांकि मंडी प्रशासन ने खरीद से पहले प्रबंधों को पूरा करने का दावा किया था। लेकिन बेमौसम बारिश में अधिकारियों के दावे भी बह गए।
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भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में फिलहाल सरसों की प्राइवेट और सरकारी खरीद चल रही है। अब तक हैफेड किसानों का करीब साढ़े आठ सौ क्विंटल सरसों खरीद चुका है। लेकिन इसके बावजूद मंडी में अब भी एक हजार क्विंटल से अधिक सरसों के साथ किसान सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को हुई बारिश की वजह से मंडी में किसानों की सरसों की ढेरियां भीग गई। रविवार को भी बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई। जिसकी वजह से किसानों की सरसों भी बारिश में भीगकर खराब हो गई। वहीं अधिकारी भी अधिक नमी बताकर सरसों की सरकारी खरीद से किनारा कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। जबकि सरकार की तरफ से बेमौसम बारिश में भरपाई के लिए भी कोई राहत नहीं दी है। जिन किसानों की खेत में गेहूं की फसल बारिश और तेज हवाओं से बिछ गई है, उनमें अब दाना पूरी तरह से विकसित नहीं होगा और इससे फसल के उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ेगा।

बारिश के पानी को झाड़ू से दूर हटाते रहे मजदूर
मंडी में सरसों की ढेरियों के पास जमा बरसाती पानी को मजदूर प्लेटफार्म पर झाड़ू से दूर हटाने में जुटे रहे। मजदूर बारिश में भीगी सरसों को भी सुरक्षित जगह पर डालने में लगे रहे। हालांकि इस सरसों को अब एक सप्ताह तक फिर से सुखाना पड़ेगा, तब जाकर इसकी नमी खरीद लायक हो पाएगी। वहीं बारिश में भीगने के बाद सरसों में तेल की मात्रा भी घट गई है। जिसकी वजह से उसकी सरकारी खरीद की उम्मीद भी बहुत कम है वहीं प्राइवेट खरीददार भी भीगी हुई सरसों के उचित दाम नहीं लगा रहे हैं। जिसका खामियाजा किसान को ही भुगतना पड़ रहा है।
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तीन शेड, दो खुले प्लेटफार्म, फिर भी खरीद में कम पड़ रही है जगह
जिला मुख्यालय की मंडी में तीन ढके शेड हैं और दो खुले प्लेटफार्म भी हैं, मगर हर बार गेहूं और सरसों की खरीद के दौरान जगह कम पड़ जाती है। एक दिन में अगर डेढ़ सौ से दो सौ किसान अपनी फसल लेकर मंडी आ जाएं तो मंडी में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बचती है। ऐसे में मंडी में नए शेड के निर्माण की दरकार भी बनी है। वहीं जगह को भी व्यवस्थित कर खरीद की व्यवस्था बनाने की भी जरूरत है।

आज होगी सरसों की सरकारी खरीद
हैफेड के खरीदकर्ता नवीन कुमार ने बताया कि रविवार को छुट्टी की वजह से सरसों की खरीद नहीं की गई। सोमवार से मंडी में सरसों की नियमित रूप से खरीद की जाएगी। अब तक करीब साढ़े आठ सौ क्विंटल सरसों खरीद हो चुका है।

अधिकारी बोले
अनाज मंडी में खरीद के दौरान बिजली, पानी और साफ-सफाई के प्रबंध कराए गए हैं। आढ़तियों को भी बेमौसम बारिश में फसल भीगने से बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कराई गई है। मंडी में सीवरलाइन काफी पुरानी हैं, जिस वजह से पानी की निकासी नहीं हो रही है। इस संबंध में नई सीवरलाइन का मसौदा भी मुख्यालय को भेजा हुआ है।
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-हीरालाल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।
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