गांव कैरू में योगशाला के लिए बनाया गया शेड।
कैरू। कैरू गांव की योगशाला खस्ताहाल है। अनदेखी का शिकार होने से योगशाला का फर्श उखड़ना शुरू हो गया है। इससे उस पर खरपतवार उग गई है। अधिकारियों और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण सरकार के लाखों रुपये बर्बाद हुए। सरकार ने शेड तो बना दिया, लेकिन सर्दी के मौसम में योग व व्यायाम करना पड़े तो उसके लिए भवन की बनाना भूल गए।
दरअसल, अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों के लिए बनी योगशाला दयनीय हालत में हैं। यहां पर न तो कोई ग्रामीण आता है और न ही अधिकारियों को इसकी परवाह है। कभी कभार तो यहां पर शाम को जाम भी छलकते हैं। योगशाला अब रोग शाला बनकर रह गई।
आलम यह है कि यहां पर जगह-जगह लंबी-लंबी घास फूस उग चुकी हैं। कूड़ा कर्कट एकत्रित होने लगा। योगशाला बनने से अब तक यहां पर एक भी योग दिवस कार्यक्रम नहीं हुआ है। योगशाला होने के बावजूद भी राजकीय कन्या महाविद्यालय, सरकारी स्कूल व निजी स्कूल में योग सेंटर बनाया जाता है। वहीं युवाओं को 800 मीटर दूर हर्बल पार्क में जाकर योग करने को मजबूर हैं। संवाद
इस योगशाला की तरफ किसी का भी कोई ध्यान नहीं है। इसके लिए प्रशासन और पंचायत के मौजूदा लोग जिम्मेदार हैं। उन्हें इसके ऊपर ध्यान देना चाहिए। व्यवस्था नहीं होने से किसी का भी जाने का मन नहीं करता है।
- कपिल, युवा।
ग्रामीण बच्चे, बुजुर्ग व युवा वर्ग को योगशाला का भरपूर लाभ मिलता। परंतु सरकार योजना पर खर्च करके इसे भूल गई और संबंधित अधिकारी व कर्मचारी या अन्य संस्थाएं भी इन योगशालाओं में सरकार के लाखों रुपये खर्च कर अपना पल्ला झाड़ गए। चाहे इनका लाभ किसी को मिल या न मिले।
- दीपक रोहिल्ला, युवा।
योगशाला में साफ सफाई व झाड़िया उगी हुई हैं। यहां पर पीने की पानी व मूत्रालय जैसी कोई सुविधा नहीं है। बच्चों को योग की उच्च स्तर की प्रतियोगिता की तैयारियां करवाई जा सकती हैं। ये सुविधाएं न होने के कारण तैयारियों में दिक्कतें आती हैं। आयुष्मान विभाग के पास सामान की डिमांड भेजी हुई है। सामान मिलने के बाद पंचायत के सहयोग से व्यवस्था बनाएंगे।
- ममता, योग सहायक कैरू।