भिवानी। मौसम में हुए बदलाव से नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उल्टी, दस्त, बुखार, शुगर के मरीजों में इजाफा हुआ है। मौसम बदलने से गले में संक्रमण के मामले भी बढ़े हैं। हर रोज गले की खराश से संबंधित 15 से 20 मरीज पहुंच रहे। अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकों ने मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि हर रोज अस्पताल में करीब 1300 के लगभग मरीज आ रहे हैं। इस समय मौसम में ज्यादा उमस बढ़ रही है। इनमें से सबसे ज्यादा मरीज उल्टी ,दस्त, बुखार व गले में खराश के आ रहे है। चिकित्सक भी बारिश के इस मौसम में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। गर्मी की इस उमस भरे मौसम में तली हुई चीजें खाने से बचें। बारिश के इस मौसम में अपने आस पास बारिश का पानी जमा न होने दे। अगर आस पास बारिश का पानी जमा हो तो उसमें दवाई का छिड़काव करवाएं ताकि उसमें मच्छर न पनपे। इस बारिश के मौसम में डेंगू , मलेरियां, चिकनगुनिया ऐसी बीमारी फैलने की ज्यादा संभावना रहती है।
बचाव के उपाय
- पानी को उबालकर ठंडा करके पीएं।
- उमस में बार-बार पानी पीते रहें।
- बारिश का पानी एक जगह जमा न होने दें।
- कूलर के पानी को ज्यादा दिन तक न रखें, उसको बदलते रहना चाहिए।
- अपने घर के आसपास बारिश का पानी जमा हो तो उसमें दवाई का छिड़काव करें।
बारिश और उमस के मौसम में संक्रमित बीमारियों के ज्यादा बढ़ने का खतरा बना रहता है। इस समय पानी स्वच्छ एवं उबालकर पीएं, ताकि पेट की बीमारियों से बचा जा सकें। वहीं मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए भी सावधानी बरतें। अगर उल्टी, दस्त या बुखार आ रहा है तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें, लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
-डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल भिवानी।