भिवानी। मानसून की दस्तक के साथ ही सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और दावों की पोल खुल गई है। वीरवार सुबह करीब 15 एमएम बारिश से जलभराव में फिर से प्रबंध डूब गए और पानी निकासी की व्यवस्था भी ठप हो गई। शहर के निचले इलाकों में बारिशी जलभराव हुआ।
समय पर सफाई नहीं होने की वजह से खुले नाले भी गंदगी से ठसाठस हो गए, जिनकी वजह से बारिश के पानी को आगे जाने का रास्ता तक नहीं मिला। वहीं शहर की मुख्य कॉलोनियों के अंदर भी लंबे अर्से से ठप पड़े बरसाती चैनलों को खोलकर पानी की निकासी कराने में कर्मचारी जुटे रहे।
वहीं बारिश से ग्रामीण क्षेत्र के जोहड़ भी ओवरफ्लो हो गए। इनका पानी अब आबादी का रुख करने लगा है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की वजह से बारिश का पानी लोगों के घरों के अंदर भी घुस गया। जिसे रोकने के प्रबंध भी लोगों के काम नहीं आए।
जुलाई में मानसून सक्रियता के साथ अब आगे बढ़ने लगा है। मानसून की बूंदाबांदी में ही शहर डूब गया। जबकि अभी तो मानसून की शुरूआत ही हुई है। शहर के दिनोद गेट से देवसर चुंगी, हनुमान गेट, हनुमान ढाणी मुख्य मार्ग के अलावा दिनोद गेट खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र में बरसाती जलभराव हुआ। शहर के अंदरूनी इलाकों की कॉलोनियों की गलियां भी बरसाती पानी की दरिया बन गई।
शहर के नेशनल हाईवे के दायरे में आने वाला बावड़ीगेट, हनुमान गेट, हालुवास गेट का हाईवे भी बारिश में डूब गया। इसकी वजह से वाहनों के आवागमन से हाईवे पर समुंदर सी लहरें उठती दिखाई दीं। शहर के अधिकांश इलाकों से बारिश के पानी की निकासी में ही करीब चार घंटे लगे। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के डिस्पोजलों पर भी बारिश के दौरान लाइट गुल हो गई। वहीं डीजी सेट से इक्का दुक्का पंप चलाए गए। जबकि बिजली आने पर ही पूरी क्षमता से बरसाती डिस्पोजल चले।
सरकुलर रोड के बरसाती चैनल ठप पड़े, बारिश में आई याद
शहर के सरकुलर रोड के साथ ही बरसाती चैनल भी बने हैं, लेकिन इनकी सफाई नहीं होने से ये ठप पड़े हैं। बारिश के दौरान मुख्य रास्तों पर जलभराव हुआ तो विभागीय अधिकारियों को इन्हें चालू कराने की याद आई। वहीं घंटाघर पर तो कर्मचारी बरसाती चैनल ठप होने की वजह से प्रेशर टैंक के अंदर पानी का दबाव बनाकर उसे खोलने में जुटे रहे। इसी तरह शहर के अन्य हिस्सों में भी बरसाती चैनल ठप पड़े हैं, जिनकी वजह से बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं हो पाई।
शहरभर से पानी की निकासी बारिश के चंद मिनटों के बाद ही करा दी गई है। जिन हिस्सों में बरसाती चैनल बंद पड़े थे, उन्हें भी खोला जा रहा है। शहर में अब कहीं पर भी जलभराव के हालात नहीं है। अचानक बारिश के दौरान डिस्पोजल और सीवरेज सिस्टम के पानी का दबाव बढ़ जाता है।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।