तोशाम। खानक पहाड़ में क्षमता से अधिक पत्थर डालने के कारण पिछले तीन-चार दिन में दो-तीन गाड़ियां पलट चुकी हैं। शनिवार रात भी एक गाड़ी ओवरलोड के कारण पलट गई। गाड़ी पलटने के बाद गाड़ी चालकों ने रात में ही ओवरलोड के विरोध में हड़ताल कर दी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चालकों को समझाया लेकिन वे ओवरलोड बंद करते रहे। क़रीब सात घंटे बाद भी क्षमता से 2 से 3 टन ओवरलोड डालने की बात पर हड़ताल खत्म की।
करीब 2 माह पहले भी चालकों व मालिकों ने ओवरलोड को लेकर करीब 10 दिन तक हड़ताल की थी। इसके बाद एसडीएम ने मध्यस्थता करते हुए ओवरलोड न डालने पर समझौता हो गया था। चालकों की मानें तो कुछ दिन बाद ही एचएसआईआईडीसी के अधिकारी ओवरलोड चलाने के लिए दबाव देने लगे और गाड़ियों में 5 टन से ज्यादा ओवरलोड डालने लगे। ओवरलोड के कारण फिर गाड़ियां पलटने लगी।
शनिवार रात्रि करीब 8 बजे एक गाड़ी पहाड़ से पत्थर लाते समय पलट गई। जिसके बाद चालकों ने एकत्रित होकर हड़ताल कर दी। सुबह करीब 3 बजे एचएसआईआईडीसी के अधिकारी से बात हुई जिसमें 2-3 तन ओवरलोड पर आपस में सहमति बनी। चालक व गाड़ी मालिकों की मानें तो बार-बार मुद्दा उठाए जाने के बावजूद अब भी 5 टन के करीब पत्थर क्षमता से ज्यादा डाला जा रहा था। गाड़ी मालिक व ड्राइवरों का कहना है कि सरकारी एजेंसी एचएसआईआईडीसी की ओर से खानक पहाड़ में खनन कार्य किया जा रहा है। एक तरफ तो सरकार ओवरलोड को बंद कर रही है। वहीं खानक पहाड़ में ओवरलोड की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
चालकों का कहना है कि अगर ओवरलोड डंपर चलेंगे तो उनकी जान माल को खतरा होगा। चालकों ने बताया कि करीब 9 सौ फुट की ऊंचाई से उन्हें पत्थर भरकर लाना पड़ता है। इतनी ऊंचाई से ओवरलोड पत्थर भरकर किसी जोखिम से कम नहीं है। ओवरलोड डंपर चलने से राहगीरों व ग्रामीणों को काफी समस्या होती हैं। गाड़ी मालिक व ड्राइवरों ने इसके विरोध में शनिवार रात को ही हड़ताल कर दी।
पवन कुमार ने प्रशासन से मांग की कि ओवरलोड बिलकुल बंद किया जाए। ओवरलोड के कारण हादसे हो रहे हैं। ओवरलोड बंद करने को लेकर पहले भी मांग उठा चुके हैं जबरदस्ती ओवरलोड पत्थर डाला जा रहा। गाड़ी मालिक व चालक गाड़ियों की क़िस्त व रोजी-रोटी चलाने के लिए मजबूरी में चलाते हैं।
इस बारे में एचएसआईआईडीसी के मैनेजर रविन्द्र जाखड़ ने बताया कि इस मामले में जांच करवाई जाएगी किस कारण से हादसा हुआ है। रिपोर्ट मांगी गई है।