भिवानी। लगातार तीन दिनों से पूरे शहर में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसकी वजह घंटाघर बूस्टर की मेन लाइन के लीकेज वाॅल्व है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी रविवार को भी लीकेज वाॅल्व की जगह नया वाॅल्व लगाने में लगे रहे। शाम तक काम पूरा हुआ।
बूस्टर की 20 इंच वाली लाइन पर नया वाॅल्व लगाने के बाद अब टेल पर लगने वाले घरों तक भी पूरे दबाव से पानी पहुंचेगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वाॅल्व लीकेज की समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। सोमवार से पूरे शहर में तीनों जोन में पेयजल आपूर्ति लोगों को मिलेगी।
घंटाघर बूस्टर पर करीब 35 साल पुराना वाॅल्व लगा था जो करीब छह से सात बार लीक हो चुका था। इसकी वजह से लाइन में भी पानी का पूरा दबाव नहीं बन पा रहा था। लीकेज वाॅल्व से हजारों लीटर स्वच्छ पानी भी व्यर्थ में ही सड़क पर बह रहा था। शनिवार को वाॅल्व बदलने का काम शुरू किया। रविवार को भी वाॅल्व को स्थापित करने में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी लगे रहे।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 20 इंची का नया वाॅल्व पंजाब से मंगवाया। आम तौर पर विभाग छोटी लाइनों पर ही वाॅल्व लीकेज की समस्या से जूझता रहा है, क्योंकि बड़ी लाइन का वाॅल्व हरियाणा में कहीं नहीं मिलता है। इसे कोलकाता, पंजाब या फिर अन्य प्रांतों से ही मंगवाना पड़ता है।
विभाग ने घंटाघर के लीक हो रहे वाॅल्व को हटाकर नया वाॅल्व लगा दिया है। इसके बाद से अब लाइन में पानी का पूरा दबाव होने पर टेल तक लगने वाले घरों में पानी पहुंचने की कोई दिक्कत नहीं आएगी। लीकेज की वजह से ही लाइन में पानी का दबाव नहीं बन रहा था, जिससे टेल पर लगने वाले घरों तक भी पानी नहीं पहुंचने की समस्या काफी अर्से से बनी थी।
घंटाघर बूस्टर की लाइन के लीकेज वाॅल्व को बदल दिया है। अब लीकेज का स्थायी समाधान हुआ है। इसके बाद अब टेल तक इलाकों में सभी घरों के अंदर पूरे दबाव से पानी पहुंचेगा। सोमवार को शहर के तीनों जोन में पानी की नियमित पेयजल आपूर्ति मिलेगी। अब लाइन में लीकेज की कोई दिक्कत नहीं है। - सतीश चंद्र, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।