भिवानी। तोशाम क्षेत्र के गांव दांग खुर्द में साढ़े तीन हजार ग्रामीण आबादी पर गंदे पानी से बीमारियों के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। गांव की गुहली जोहड़ी का गंदा पानी आसपास के घरों की दहलीज तक पहुंच गया है। इसकी वजह से ग्रामीण भी अपना घर छोड़ दूसरी जगह पलायन पर मजबूर हैं।
गांव के सरपंच का कहना है कि करीब दस एकड़ भूमि के अंदर पानी निकासी के पाइप लाइन डालकर इस पानी को पंचायती भूमि में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका प्रस्ताव भी उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। लेकिन अधिकारी चुनावी ड्यूटी में उलझे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव की जोहड़ी का गंदा पानी घरों की दहलीज और आंगन तक आ गया है। ऐसे में यहां रहना भी उनके लिए मुनासिब नहीं है।
भिवानी शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर तोशाम क्षेत्र का दांग खुर्द करीब साढ़े तीन हजार ग्रामीण आबादी का गांव है। इसमें 1690 मतदाता हैं। गांव की स्लम बस्ती की तरफ गुहली जोहड़ी है। इसके अंदर आसपास की आबादी से निकलने वाला गंदा पानी भी पहुंच रहा है।
बारिश के बाद इस जोहड़ी में पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि यहां का गंदा पानी आसपास के घरों की दहलीज और आंगन तक आ डटा है। इस गंदे पानी से इतनी बदबू आ रही है कि यहां रहना भी मुनासिब नहीं है। ऐसे में कई परिवारों को तो अपना घर छोड़कर दूसरी जगह सामान रखना पड़ा है। जोहड़ के समीप बनी वाल्मीकि चौपाल भी पानी में डूब गई है। इसके चारों तरफ घनी झाड़ियां और पानी जमा हो गया है। प्रशासन से भी ग्रामीण गुहार लगा चुके हैं, मगर अधिकारी चुनावी ड्यूटी में मशगूल होकर रह गए हैं।
गांव की गुहली जोहड़ी का पानी हर साल बारिश में ओवरफ्लो हो जाता है। यहां आसपास काफी मकान बने हैं, जिनके अंदर भी पानी घुस जाता है। गंदे पानी में मच्छर व अन्य जहरीले जीवों का डर भी हमेशा बना रहता है। वहीं बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। जोहड़ी की कोई साफ सफाई भी नहीं हो रही है। वहीं गांव का गंदा पानी नियमित रूप से इसके अंदर डाला जा रहा है। ये ग्रामीण आबादी की सेहत पर भी बड़ा खतरा है।
-किडूराम ग्रामीण
गांव के जोहड़ से गंदे पानी की निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। जब पानी ज्यादा बढ़ जाता है तो ग्राम पंचायत यहां पंप मोटर लगाकर पानी निकासी किसी खाली जगह पर करा देती है। लेकिन हल्की बारिश के बाद फिर से पहले जैसे हालात बन जाते हैं। यहां रहने वाले लोग मच्छर व बीमारियों के संक्रमण से घिरे रहते हैं, जिनकी न तो प्रशासन कोई सुध ले रहा है न सरकार के नुमाइंदे यहां के हालातों का जायजा ले रहे हैं।
-सुरेंद्र ग्रामीण
गांव के इस गंदे पानी के जोहड़ के आसपास काफी लोगों के मकान बन चुके हैं। ऐसे में यहां पर जोहड़ का अतिरिक्त पानी घरों के अंदर पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत भी इस जोहड़ से गंदे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने के लिए काफी बार अधिकारियों को अवगत करा चुकी हैं, लेकिन अभी तक न प्रबंध हुआ है न निकासी का मसौदा सिरे चढ़ा है। गांव के लोग गंदे पानी की वजह से बीमारियों के माहौल में रहने पर मजबूर हैं।
-बिजेंद्र ग्रामीण
दांग खुर्द की आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह से जोहड़ के आसपास अब घनी आबादी हो गई है। गंदा पानी घरों के आंगन में ठहराव कर चुका है। ग्रामीण प्रशासन से भी बार-बार मांग कर चुके हैं कि जोहड़ के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराए ताकि हर साल ग्रामीणों को ये समस्या न झेलनी पड़े, मगर प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। ग्राम पंचायत भी अपने स्तर पर अस्थायी प्रबंध कर थक चुकी है।
- अजय ग्रामीण
गांव में ग्राम पंचायत की करीब 27 एकड़ कृषि भूमि है। जोहड़ के अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए करीब दस एकड़ भूमि के अंदर पाइप लाइन डालकर इस समस्या के स्थायी समाधान का मसौदा जिला परिषद को भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। अगर पाइप लाइन डाल दी जाए तो इस जोहड़ के गंदे पानी का पंचायती भूमि में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर एक एकड़ में गंदे पानी के संग्रहण के लिए टैंक भी खोदना पड़े तो भी तैयार हैं।
-राजेंद्र उर्फ बिल्लू सरपंच दांग खुर्द।