जूई। कहते हैं जब किसी के मन में समाज उत्थान में कुछ कर दिखाने का जोश, जुनून व जज्बा हो तो वह अपना और पराया नहीं देखता। बस आगे बढ़ता जाता है। वह अपने विवेक से उस जगह सार्वजनिक जीवन को बेहतर बनाने का प्रयत्न करता है जहां वास्तव में इसकी जरूरत होती है। ऐसा ही कर दिखाया है गांव मंसरबास की बेटी वंदना ने।
वंदना ने जूई स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी की नींव रखी। इसके निर्माण पर लगभग 60 लाख रुपये लागत आएगी। लाइब्रेरी करीब 6 से 8 माह में तैयार हो जाएगी। इस लाइब्रेरी के बनने से गांव व आसपास के अन्य गांवों की लड़कियों को और बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर प्राप्त होंगे। इस सहयोग के लिए प्राचार्य राजकरन नागर ने वंदना को सम्मान चिह्न प्रदान स्वागत किया। इस अवसर पर हरपाल लाम्बा, पृथ्वी गिल, रमेश ठेकेदार, सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह, जूई खुर्द की सरपंच मनीता देवी, अनिल रापड़िया, धोलिया रापड़िया, रामफल बागड़ू, चंचल रापड़िया, काकड़ौली से सुरेंद्र प्रिंसिपल, प्रवीण कुमार सांगवान आदि मौजूद रहे।
वंदना ने इसी स्कूल से शिक्षा ली और यहीं पर बनवा रहीं लाइब्रेरी
कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर वंदना ने बताया कि उन्होंने 12वीं कक्षा इसी स्कूल से 2002-03 में पास की थी। 2005 में उनकी शादी हो गई थी। उनका सपना था कि एक दिन स्कूल के लिए कुछ करना है। कुछ दिनों पहले वंदना ने अपने पति अनिल सांगवान से इस बारे में बात की तो उन्होंने भी इस पर सहमति जताई। इसके बाद बुधवार सुबह 11.15 बजे ग्रामीणों नसीब, राजेश श्योराण, कृष्ण शर्मा, महिंद्रा व राजेश शर्मा की अगवाई में पंडित सुरेश शास्त्री ने विधिवत रूप से डिजिटल लाइब्रेरी की नींव रखी।
एक साथ 55 विद्यार्थी पढ़ सकेंगे
यह लाइब्रेरी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसमें कंप्यूटर, फर्नीचर, वाई फाई की सुविधा होगी। इसमें एक साथ 55 विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी प्रकार की किताबें व समाचार पत्र उपलब्ध होंगे। इसके निर्माण पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च आएगा।