गांव देवराला स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान।
कैरू। गांव देवराला स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में वायरमैन ट्रेड को दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली लागू करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए अग्रवाल ट्रेडर्स दुल्हेड़ी के साथ एमओयू साइन किया गया।
इस संबंध में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में डीजीटी भारत सरकार की ओर से अनुमति मिलने उपरांत शुक्रवार को विभाग के महानिदेशक ने पत्र जारी करके सत्र 2024-26 के लिए दोहरी प्रणाली लागू की है। इससे आने वाले समय में रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा इसी सत्र से नई ट्रेड इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक भी शुरू की गई है।
दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) भारत सरकार की एक फ्लैगशिप स्कीम है। इसके अंतर्गत आईटीआई के प्रशिक्षणार्थी थ्योरी सिलेबस आईटीआई और प्रेक्टिकल प्रशिक्षण औद्योगिक प्रतिष्ठानों में प्राप्त करते हैं। प्रशिक्षणार्थी उद्योगों की जरूरत के अनुसार नवीनतम तकनीक का प्रशिक्षण लेने के उपरांत स्वरोजगार अपना सकते हैं। - शैलेंद्र, प्रभारी, राजकीय आईटीआई देवराला।
डीएसटी आईटीआई के माध्यम से दी जाने वाली सैद्धांतिक ट्रेनिंग तथा उद्योग के माध्यम से दिए जाने वाले व्यावहारिक प्रशिक्षण का मिलाजुला रूप है। डीएसटी से उद्योग संपर्क बनाने में मदद मिलती है तथा इससे विद्यार्थियों को उद्योगों की नवीनतम प्रौद्योगिकी का व्यावहारिक अनुभव हासिल होता है। - राकेश कुमार, वायरमैन अनुदेशक, देवराला आईटीआई