भिवानी के वैश्य महाविद्यालय का मुख्य द्वार।
भिवानी। जिले के सभी कॉलेज में स्नातक और स्नाकोत्तर में दाखिले की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। लेकिन अभी भी सभी कॉलेज में सीटें खाली रह गई हैं। विभाग की ओर से दाखिला की अंतिम तिथि में बार-बार बदलाव देने के बावजूद महाविद्यालयों में सीटें रिक्त बची हुई हैं। यहां तक कि सभी कॉलेज के प्राध्यापकों ने घर-घर जा कर दाखिला के विद्यार्थियों को जागरूक भी किया।
इतना सब करने पर भी महाविद्यालयों में किसी में 20, किसी में 30 को किसी में 50 सीटें खाली रह गई हैं। महाविद्यालयों में सीटें भरने के लिए प्राचार्य से लेकर प्राध्यापक तक सभी विद्यार्थियों के घर-घर गए, परंतु दाखिले की अंतिम तिथि बीतने के बाद भी महाविद्यालयों की सीटें नहीं भरी हैं। अधिकतर कॉलेजों में बीएससी, बीकाॅम, बीएससी फिजिकल साइंस में ज्यादातर सीटें खाली रह गई हैं।
इसकी जगह पर ज्यादातर विद्यार्थियों ने बीए संकाय में दाखिला लिया है। यही वजह है कि सभी कॉलेजों की बीए की सभी सीटें दूसरी-तीसरी काउंसिलिंग में भरी जा चुकी है। उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से करीब पांच बार दाखिले की अंतिम तिथि में बदलाव किया गया। मगर फिर भी कॉलेजों में सीटें खली हैं।
दाखिले की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। लेकिन फिर भी कॉलेजों में सीटें खाली हैं। इसकी वजह यह कि विद्यार्थी केवल में कला संकाय में ही दाखिला ले रहे हैं। अन्य विषयों में वो कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। जिन बच्चों की रुचि बीएससी, बीकाॅम, बीएससी फिजिकल साइंस विषयों में है। वो शहर के बाहर जा कर पढ़ना पसंद कर रहे हैं। फिलहाल दाखिले की तिथि बढ़ने की अभी तक कोई संभावना नहीं है।
- डॉ. संजय गोयल, प्राचार्य, वैश्य महाविद्यालय भिवानी।