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Bhiwani News: सीवरलाइन की सफाई के साथ शहरी डिस्पोजलों की क्षमता जांच में जुटा विभाग

Wed, 07 Jun 2023 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। प्री मानसून से पहले जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अब सीवर लाइनों की सफाई के साथ-साथ डिस्पोजलों की क्षमता जांच में जुटा है। डिस्पोजलों पर लगे पुराने पंप बारिश के दौरान पूरी क्षमता से काम करें, यह सुनिश्चित करने के लिए इनकी रिपेयरिंग और हालत की भी जांच हो रही है।
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शहर 30 एमएम की बारिश भी नहीं झेल पा रहा है। बारिश के पानी के साथ अत्यधिक पॉलीथिन कचरा भी डिस्पोजल टैंकों तक पहुंच रहा है, जो पंपों के अंदर फंसकर भी मोटरों को जांच कर देता है। क्योंकि देवसर चुंगी के मैन डिस्पोजल की स्क्रीनिंग मशीन बंद पड़ी है। इस मशीन का बरसाती सीजन में उपयोग भी नहीं हो पाएगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के शहर में सीवरेज पानी की निकासी के लिए दो मुख्य डिस्पोजल हैं। देवसर चुंगी डिस्पोजल पर सीवरेज पानी का टैंक और एक टैंक बरसाती पानी की निकासी के लिए बना है। इसी तरह ढाणा रोड पर भी सीवरेज और बरसाती पानी के लिए अलग-अलग टैंक हैं। यहां पर भी बड़ी मोटरें लगी हैं। जबकि शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए भी अलग से सिस्टम बनाया हुआ है। इसमें पुराना जलघर में बरसाती डिस्पोजल बना है, जिसके दो चैंबर भी बनाए हुए हैं। इनके जरिये शहर का बरसाती पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में पहुंच रहा है।
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करीब आधे शहर में अभी भी बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग से कोई लाइन नहीं है। इसकी वजह से बारिश के पानी का दबाव भी सीवरेज सिस्टम पर ही आ जाता है। ज्यादा बारिश में सीवरेज लाइनों के जरिये अतिरिक्त बारिश के पानी की निकासी में भी कई घंटों का समय लग जाता है। यही वजह है कि विभाग प्री मानसून से पहले डिस्पोजलों की क्षमता की जांच में जुटे हैं।



डिस्पोजल टैंकों की भी होगी सफाई
प्री मानसून से पहले डिस्पोजलों के टैंकों की भी सफाई कराई जाएगी। हालांकि देवसर चुंगी डिस्पोजल टैंकों की सफाई दो माह पहले ही कराई गई है। जबकि अन्य डिस्पोजल के टैंकों में अभी सफाई नहीं हुई है। सफाई के दौरान कई टन मिट्टी भी टैंकों से बाहर निकाल इनके अंदर पानी भंडारण की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
प्री मानसून से पहले शहर की मुख्य सीवरलाइन की सफाई का काम पूरा हो जाएगा। इसी के साथ डिस्पोजलों पर पंपों और मशीनरी को अपडेट किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। ताकि अचानक तेज बारिश होने पर सिस्टम पूरी क्षमता से काम करे। डिस्पोजल पंपों को पॉलीथिन कचरा से खतरा रहता है, क्योंकि ये पंप को जाम कर देते हैं। ऐसे में पंपों की बार-बार सफाई भी करानी पड़ती है।
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-सुनील कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
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