भिवानी। जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोरोना रोधी टीके लगाए जा रहे हैं। पिछले कुछ माह से टीकाकरण अभियान सुस्त हो गया है, जिसकी वजह से टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा। ऐसे में सभी जिलावासियों को कोरोनारोधी टीके के सुरक्षा चक्र में बांधने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ में आ गया है और टीकाकरण जागरूकता अभियान को फिर से गति दी है। इस अभियान में मुख्य रूप से एमपीएचडब्ल्यू, आशा वर्कर, एएनएम को शामिल किया है, जोकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से लोगों को टीकाकरण की पहली, दूसरी और बूस्टर डोज लगवाने के प्रति डोर टू डोर जागरूक कर रहे है। जिले में साढ़े आठ लाख से अधिक लाभार्थियों ने पहली और 10 हजार से अधिक लाभार्थियों ने बूस्टर डोज लगवाई है। वैक्सीनेशन के लिए नागरिक अस्पताल सहित प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर व्यवस्था की हुई है और नियमित रूप से वैक्सीनेशन हो, इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है।
10 हजार से अधिक ने लगवाई बूस्टर डोज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी टीकाकरण अभियान में 10802 लाभार्थियों ने बूस्टर डोज लगवाई है। इनमें से स्वास्थ्यकर्मियों ने 2541 डोज, फ्रंट लाइन वर्कर ने 522 डोज, 18 से 44 आयु के युवाओं को 61 डोज, 45 से 60 साल से लाभार्थियों को 169 डोज और 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को 7509 बूस्टर डोज लगाई है।
जिलेभर जारी टीकाकरण अभियान की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग की ओर अब तक से 852923 को पहली, 787534 को दूसरी डोज लगी है। इनमें से स्वास्थ्यकर्मी श्रेणी में 5658 को पहली, 5607 को दूसरी डोज लगी है। फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में 4990को पहली, 4950 को दूसरी डोज लगी है। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों को महज 10474 पहली और 3294 को दूसरी डोज लगी है। 15 से 17 साल के किशोरों में 46355 को पहली और 31170 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 18 से 44 साल के युवाओं में 536425 को पहली और 476964 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 45 से 60 साल के लाभार्थियों में 172308 को पहली और 165146 को दूसरी डोज लगी है। जिले के 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों में 133582 को पहली, 131533 को दूसरी डोज लगी है।
वर्जन:
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी टीकाकरण अभियान के साथ ही जागरूकता अभियान भी शुरू किया हुआ है। इस अभियान में लोगों को डोर टू डोर टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नागरिकों से अपील है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अवश्य करवाएं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।