पंचायत घर के पास नारियल बेचता दुकानदार।
भिवानी। डेंगू संभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में 15 से ज्यादा पॉजिटिव केस भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में नारियल पानी और बकरी के दूध की डिमांड भी बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्र में बकरी के दूध के लिए लोगों को प्रति लीटर 300 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं प्रति नारियल 50 से 70 रुपये तक बिक रहा है। रोजाना ही अस्पतालों में दाखिल मरीजों को भी चिकित्सक नारियल पानी का सेवन की सलाह दे रहे हैं। प्रत्येक बुखार या फिर डेंगू पॉजिटिव मरीज के लिए चार से छह नारियल पीने का चिकित्सक सुझाव दे रहे हैं।
जिन मरीजों को ज्यादा दिक्कत है उन्हें बकरी के दूध पीने की सलाह भी दी जा रही है। बकरी के दूध के लिए ग्रामीण क्षेत्र के पशु पालक भी मनमाने दाम वसूल रहे हैं। हालांकि बकरी का दूध आसानी से नहीं मिलता है। इस वजह से भी इसकी डिमांड ज्यादा बढ़ गई है।
पशु पालक महावीर का कहना है कि उसके यहां दो बकरी है, जिसमें एक दुधारू है। इस बकरी का रोजाना औसतन डेढ़ से दो किलो दूध ही होता है। प्रति किलो दूध 200 से ढाई सौ रुपये तक बिक जाता है, लेकिन अब उसे 400 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भी दूध के खरीददार मिल रहे हैं।
शहर के पंचायत भवन के समीप नारियल पानी बेचने वाले प्रवासी रामु का कहना है कि नारियल पानी की पहले खपत कम थी, मगर अब रोजाना ही तीन सौ से चार सौ नारियल बिक जाते हैं। दो तरह के नारियल बेच रहे हैं। एक मलाई और दूसरा बिना मलाई का नारियल है। दोनों ही तरह के नारियल की अच्छी खपत हो रही है।
डेंगू पॉजिटिव केस मिलने पर स्वास्थ्य विभाग उन्हें स्पेशल वार्ड में उपचार दिला रहा है। डेंगू मरीज की सेहत में जल्दी सुधार के लिए नारियल पानी व बकरी का दूध सुझाया जाता है। अगर ये संभव नहीं है तो भी दवाइयों से रिकवरी हो सकती है। ऐसे में मरीजों को सरकारी या फिर विशेषज्ञ के अस्पताल में ही इसका उपचार लेना चाहिए।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।