बोर्ड अध्यक्ष डॉ वीपी यादव ने बताया कि डीएलएड जुलाई-2023 की परीक्षा में कुल 32,349 छात्र-अध्यापक शामिल हुए। डीएलएड प्रवेश वर्ष 2022-2024 प्रथम वर्ष नियमित में 16,849 छात्र-अध्यापक शामिल हुए, जिनमें से 8,013 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 47.56 रही है। डीएलएड प्रवेश वर्ष 2021-2023 द्वितीय वर्ष नियमित में 11,272 छात्र-अध्यापक शामिल हुए, जिनमें से 7,711 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 68.41 और प्रवेश वर्ष 2021-2023 प्रथम वर्ष री-अपीयर में 2,816 छात्र-अध्यापक शामिल हुए, जिनमें से 1,622 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 57.60 रही है।
उन्होंने बताया कि डीएलएड प्रवेश वर्ष 2020 प्रथम वर्ष री-अपीयर में 313 छात्र-अध्यापक प्रविष्ट हुए, जिनमें से 172 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 54.95 तथा द्वितीय वर्ष (री-अपीयर) में 809 छात्र-अध्यापक शामिल हुए, जिनमें से 622 उत्तीर्ण रहे, जिनकी पास प्रतिशतता 76.89 रही है।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि डीएलएड मर्सी चांस परीक्षा प्रवेश वर्ष -2016-2018 प्रथम वर्ष का परिणाम 61.90, द्वितीय वर्ष 70.45, वर्ष 2017-2019 प्रथम वर्ष का परिणाम 68.97, द्वितीय वर्ष 81.82, वर्ष 2018-2020 प्रथम वर्ष का परिणाम 81.25, द्वितीय वर्ष 88.37, वर्ष 2019-2021 प्रथम वर्ष का परिणाम 71.05, द्वितीय वर्ष 82.00 प्रतिशत रहा।
उन्होंने बताया कि इन परीक्षा परिणामों के आधार पर जो छात्र-अध्यापक अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की पुन: जांच अथवा पुनर्मूल्यांकन करवाना चाहते हैं तो वे निर्धारित शुल्क सहित परिणाम घोषित होने की तिथि से 20 दिन तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।