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Haryana: घरेलू काम के लिए पंजाब से भिवानी लाई महिला की जबरन कराई शादी, बच्चों से भी नहीं मिलने दिया

Tue, 10 Jan 2023 11:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

पंजाब से महिला की मौसी ने xतीसरी बार हाईकोर्ट में बच्चों से मां को मिलवाने की गुहार लगाई तो हाईकोर्ट के आदेश पर लुधियाना से दो नाबालिग बच्चों को लेकर बाल सुरक्षा अधिकारी भिवानी पहुंचे और मां से मिलाया। महिला बोली कि जबरन मेरी शादी करा दी, बच्चों से भी बात नहीं कराते थे, अब मौसी के पास बच्चों संग रहने को तैयार है।
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लुधियाना से आई बाल सुरक्षा अधिकारी की टीम मामले में कार्रवाई करते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के भिवानी में घरेलू कार्य के लिए करीब डेढ़ साल पहले भिवानी जिले के तोशाम क्षेत्र के गांव में लाई गई एक महिला की जबरन शादी कराए जाने व उसके दो नाबालिग बच्चों से नहीं मिलने देने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की मौसी ने पंजाब से हाईकोर्ट में लगातार तीसरी बार गुहार लगाई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद लुधियाना से बाल सुरक्षा अधिकारी की टीम दोनों नाबालिग बच्चों को लेकर भिवानी के बाल कल्याण समिति कार्यालय में पहुंची, जहां महिला से उसके दोनों बच्चों को मिलाया गया। 

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पीड़ित महिला ने उसकी जबरन शादी कराने के आरोप लगाए और बच्चों से भी बात नहीं कराने की व्यथा सुनाई। इसके बाद पीड़ित महिला ने अपने दोनों बच्चों के साथ पंजाब में अपनी मौसी के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद भिवानी से मंगलवार शाम को टीम महिला व दोनों बच्चों को लेकर पंजाब के लुधियाना के लिए रवाना हुई।

बाल कल्याण समिति कार्यालय में पहुंची पीड़ित महिला ने बताया कि वह पंजाब के लुधियाना की रहने वाली है। उसके पति ने अपनी मां के साथ दुष्कर्म कर दिया था। इसके बाद उसने अपने पति को छोड़ दिया था। उसका नौ साल की एक लड़की और आठ साल की एक लड़का है। जो कक्षा दूसरी और तीसरी में पढ़ते हैं। ये दोनों बच्चे उसकी मौसी के पास लुधियाना में रहते हैं।
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करीब डेढ़ साल पहले उसे घरेलू कार्य के लिए भिवानी में लाया गया था। जहां एक गांव के व्यक्ति के साथ उसकी जबरन शादी करा दी गई। शादी के बाद उसे न तो अपने बच्चों से फोन पर बात कराई और न ही उसे अपने बच्चों से मिलने दिया गया।

महिला ने बताया कि उसकी मौसी ने लुधियाना से दो बार पहले भी उसके बच्चों से मिलाने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी, मगर बात नहीं बनी। तीसरी बार महिला की मौसी ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई तो हाईकोर्ट ने लुधियाना के बाल सुरक्षा अधिकारी को नाबालिग बच्चों को अपनी मां से मिलाने के आदेश दिए।

इन आदेशों के बाद मंगलवार को लुधियाना से बाल सुरक्षा अधिकारी मुबीन कुरैसी दोनों बच्चों और परिजनों के साथ बाल कल्याण समिति कार्यालय भिवानी में पहुंचे। वहीं बाल कल्याण समिति के सदस्य सतेंद्र तंवर व एलपीओ राजकुमार कोठारी एवं सोशल महिला वर्कर रिंकू गांव से महिला को लेकर कार्यालय आई।

महिला अपने दोनों बच्चों को अपनी आंखों के सामने देखकर बिलख पड़ी और बच्चों की आंखों से भी मां को देखकर आंसू नहीं रुक रहे थे। समिति सदस्यों ने बच्चों और मां को संभाला और उन्हें संयमित कराने के बाद उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इसके बाद महिला ने अपनी व्यथा समिति सदस्यों को सुनाई। 

एक लाख 70 हजार में हुआ था महिला का सौदा
वहां मौजूद व्यक्ति ने बताया कि दलालों के माध्यम से महिला की शादी कराई गई थी। इसमें लड़का पक्ष की तरफ से एक लाख 70 हजार रुपये में सौदा हुआ था। करीब डेढ़ पौने दो साल तक महिला वहां उनके घर में रही थी। इस दौरान पीड़ित महिला ने भी आरोप लगाया कि उसके साथ काम को लेकर उसकी कथित सास मारपीट करती थी और प्रताड़ित करती थी। वहीं कथित पति पर भी महिला ने मारपीट का आरोप लगाया। समिति के समक्ष महिला ने अपनी इच्छा से दोनों बच्चों के साथ लुधियाना में अपनी मौसी के साथ रहने की बात कही। हालांकि मानव तस्करी से जुड़े इस मामले में न तो महिला की तरफ से कोई शिकायत दी गई न ही इस संबंध में महिला के कोई अभी बयान दर्ज किए गए। 

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की ओर से हमारे समक्ष हिदायतें आई थी। जिसके बाद जुवेनाइल जस्टिस एक्ट व केयर एंड प्रोटेक्शन 2015 के तहत लुधियाना से हमारी टीम दोनों बच्चों को लेकर महिला से मिलवाने के लिए यहां आई है। महिला अपने दोनों बच्चों के साथ अपनी मौसी के यहां लुधियाना रहना चाहती है, इसलिए टीम उसे लेकर यहां से लुधियाना जाएगी। - मुबीन कुरैसी, बाल सुरक्षा अधिकारी लुधियाना पंजाब। 

हमारे समक्ष हाईकोर्ट के निर्देश आए थे। जिसके बाद महिला को गांव से यहां लाया गया था। जिसके बाद बाल सुरक्षा अधिकारी लुधियाना की टीम को उन्हें सौंप दिया। - सत्येंद्र तंवर, सदस्य बाल कल्याण समिति भिवानी।

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