भिवानी। शहर की पुलिस के लिए वाट्सअप बड़ा मददगार साबित हो रहा है। सोमवार को पुलिस ने इसी तकनीक की मदद से एक चार साल की बच्ची को उसके मां-बाप तक पहुंचाया। पुलिस ने बच्ची का फोटो खींच वाट्सअप पर अपलोड किया, जिसकी मदद से फिर बच्ची के मां-बाप का सुराग लगा। बच्ची को उसके अभिभावकों से मिलवाने का यह अभियान दो घंटे तक चला।
मामला सुबह करीब साढ़े आठ बजे का है। पीसीआर नंबर चार पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तो उन्हें एक चार वर्षीय बच्ची लावारिस हालत में मिली। पीसीआर इंचार्ज एएसआई जयभगवान ने बच्ची से बात की, तो वह सिर्फ अपना व मम्मी-पापा का नाम ही बता पा रही थी। इसके बाद बच्ची को सिविल लाइन थाना लाया गया। यहां से बच्ची के फोटो खींच वॉट्सअप पर डाल बच्ची के परिजनों को तलाशने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सिविल लाइन थाना प्रभारी बलराज की टीम को कामयाबी मिली और बच्ची के पिता के बारे में पता लगा। बच्ची की पहचान उत्तर प्रदेश वासी कमलेश की बेटी प्रियंका के रूप में हुई। कमलेश फिलहाल पुराना बस स्टैंड क्षेत्र गुर्जरों की ढाणी में किराये के मकान में रहता है। फोन कर कमलेश को बुलाया गया। कमलेश ने बताया कि वह सुबह घर से काम पर चला गया था। उसकी बेटी घर से कब निकल गई, कुछ पता नहीं लग पाया। कमलेश के थाने में आने के बाद बच्ची ने भी उसे पहचान लिया, जिसके बाद भविष्य में बच्ची को अकेला नहीं छोडने की चेतावनी देकर कमलेश को बच्ची दी गई।