तिब्बत मार्केट हटाने की मांग को लेकर रेडीमेड कपड़ा व्यापारियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को महम गेट क्षेत्र के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और महम गेट चौक पर धरना दिया।
इस दौरान व्यापारियों की पुलिस के साथ नोक-झोंक भी हुई और कुछ व्यापारियों को उठाकर पुलिस थाने ले गई। वहीं, घंटाघर क्षेत्र की भी कई दुकानें बंद रहीं।
सर्दियों में लगने वाले तिब्बत मार्केट से अपने कारोबार पर पड़ रहे असर को लेकर शहर के रेडीमेड कपड़ा व्यापारी आंदोलन कर रहे हैं। दो दिनों से आंदोलन घंटाघर और सराय चौपटा क्षेत्र में जारी रहा। बुधवार को महम गेट क्षेत्र के कपड़ा व्यापारी भी इसमें शामिल हो गए।
तिब्बत मार्केट के विरोध में दुकानें बंद कर आक्रोश जताया। धरने पर बैठे व्यापारियों की पुलिस से नोंक-झोंक भी हुई। इसके बाद पुलिस कुछ व्यापारियों को उठाकर सिविल लाइन थाने ले आई।
गुस्साए अन्य व्यापारी थाने पहुंचे तो बैकफुट पर आई पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। प्रशासन के खिलाफ लामबंद व्यापारियों ने शहर में जुलूस निकाला और फिर धरने पर बैठ गए। धरने को पंजाबी स्वाभिमान ट्रस्ट, हांसी गेट, नया बाजार सहित अन्य क्षेत्र के व्यापारियों ने समर्थन दिया।
एसोसिएशन के संजय दुआ के मुताबिक, समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने एसडीएम को अधिकृत किया है। उनसे वार्ता के बाद आगे की रूपरेखा बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर तिब्बत मार्केट को हटाने पर प्रशासन राजी नहीं हुआ तो व्यापारी अनिश्चितकाल के लिए आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। धरना-प्रदर्शन में तुलसी राम मित्तल, आनंद सांगवान, संजय साहिबा, आंचल अरोड़ा, रिंकू सचदेवा, संजय भेजा आदि शामिल रहे।