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जिम संचालक ने फांसी तो परिजनों ने लगाया जाम

Wed, 24 Aug 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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फाइनेंसर सुसाइड - फोटो : bureau
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पुलिस अधिकारी और वकील की प्रताड़ना से तंग आकर पूर्व बॉडी बिल्डर और जिम संचालक ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। सुबह जिम संचालक का शव पंखे से बंधा फंदे से लटकता मिला। सुसाइड नोट में एक वकील और एसएचओ पर उसे और उसके परिवार को तंग करने, उसके भाई को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। मौत से नाराज परिजनों ने शव लेने से इनकार कर घंटाघर चौक पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक मुख्य मार्ग जाम रहा। डीएसपी के आश्वासन पर जाम खोला गया। पुलिस ने मामले में एडवोकेट, एक अन्य और पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  
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मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे तिगड़ाना वासी हाल देवनगर में रहने वाले 38 वर्षीय जिम संचालक शशिकांत ने घर में ही पंखे पर फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। परिजन तुरंत उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शशिकांत अपने छोटे भाई सूर्यकांत के साथ मिलकर देव नगर में जिम चलाता था। उसके  दो बच्चे हैं। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने एक वकील और पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शशिकांत की मौत से परिजन, ग्रामीण  और जिम आने वाले युवकों ने नाराज होकर पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इनकार कर दिया। दोपहर बाद करीब पौने चार बजे घंटाघर चौक पर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती जाम नहीं खोला जाएगा। बाद में डीएसपी हेड क्वार्टर चंद्रपाल बिश्रोई ने आश्वासन दिया कि जाम खुलने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाएगी। परिजनों ने चेतावनी दी कि बुधवार तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर से मार्ग जाम कर दिया जाएगा। मामले में जांच अधिकारी एएसआई वेद कुमार ने बताया कि अधिवक्ता सुधीर मुंढाल, अनिल जताई और कुछ पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।

मैं दुखी हूं, मेरे घरवालों को वकील और एसएचओ प्रताड़ित कर रहे हैं
सुसाइड नोट में शशिकांत ने बताया कि मैं शशिकांत तंवर बहुत दुखी हूं क्योंकि वकील और पुलिस मेरे परिवार को प्रताड़ित कर रही है। वह मुझे और मेरे परिवार को उठाकर ले जाने, जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। मेरे भाई को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं आत्महत्या कर रहा हूं। ये सभी मेरी मौत के जिम्मेवार हैं। ये सभी मेरे घर आए और घरवालों को उठाने का प्रयास किया। इन्हें बख्शा न जाए, ये अपराधी हैं। ये मुझे मरने के लिए मजबूर कर रहे हैं। फोन पर धमकी दे रहे हैं, मेरे परिवार को बर्बाद कर दिया है। वकील कई बार उसे धमकी देकर गया और रुपये मांगे। ये सुसाइड नोट एसपी को दे देना।
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यह है मामला
मृतक के पिता धर्मचंद ने बताया कि उसके छोटे बेटे सूर्यकांत का कुछ लोग लड़ाई -झगड़े के एक मामले में समझौते के लिए 14 अगस्त की देर रात को जताई गांव ले गए। वहां विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों की ओर से हवाई फायर किए गए। जताई वासी अनिल का विवाद था और अनिल एक वकील मुंढाल वासी की लाइसेंसी रिवाल्वर ले गया। उससे हवाई फायर किए गए। मामले में उसके बेटे पर गोली चलाने के आरोप लगाए। उसका बेटा डर गया और वहां से भाग गया। पुलिस ने आठ नामजद और कुछ के खिलाफ मामला दर्ज किया। अन्य में उसके बेटे का नाम घसीटा जा रहा है। पिस्तौल पुलिस के हवाले कर दी। अब वकील उनके घर आकर बार-बार धमकी दे रहा है कि मेरी पिस्तौल दो वरना तुम्हें झूठे केस में ऐसा फंसवा दूंगा कि उम्रभर याद रखोगे। धर्मचंद ने बताया कि बार-बार पुलिस भी घर आकर तंग कर रही है। इसी से तंग होकर बड़े बेटे शशिकांत ने यह कदम उठाया।
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