दस दिन पहले बहल में हुई सड़क दुर्घटना में दो युवाओं की मौत के सदमे से लोग उबरे ही नहीं थे कि मंगलवार रात को फिर दो युवक हादसे के शिकार हो गए।
बहल-लोहारू मार्ग पर चैहड़ कलां गांव के समीप बने राधास्वामी आश्रम के पास कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। कार में सवार चैहड़ कलां निवासी एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल तीसरा युवक पीजीआई में उपचाराधीन है।
पुलिस ने मृतकों का भिवानी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
मंगलवार रात को करीब 12 बजे चैहड़ कलां निवासी चरणसिंह, सुखेंद्र के अलावा चैहड़ कलां में विवाहित लीलू चैहड़ कलां गांव की तरफ कार से आ रहे थे। कार जब चैहड़ कलां के समीप बने राधास्वामी आश्रम के पास पहुंची, तो सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई।
टक्कर से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास के लोग मदद के लिए आए तथा घायलों को कार से बाहर निकाला। घटना में सुखेन्द्र (24) की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि, घायल चरणसिंह (37) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। तीसरे युवक को पहले भिवानी तथा बाद में पीजीआई रोहतक ले जाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतकों का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने केस दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी विशंभर दयाल ने बताया कि घटना में दो युवकों की मौत हुई है। पुलिस ने मृतक सुखेन्द्र के चचेरे भाई हरेन्द्र के बयान पर मृतक ड्राइवर चरणसिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मृतक चरण सिंह तथा सुखेन्द्र के दो बच्चे हैं। दोनों युवक खेतीबाड़ी से परिवार को भरण पोषण करते थे।
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दस दिन में दूसरा हादसा, सुरक्षा पर सवाल
बहल-लोहारू मार्ग पर दस दिन में हुए दो हादसों में चार युवकों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
बहल से लोहारू जाने वाले सड़क मार्ग की हालत तो दयनीय है ही, इसके अलावा दुर्घटना में घायल लोगों के लिए चिकित्सा व्यवस्था भी अपर्याप्त है। इस मार्ग पर किसी भी आपात स्थिति में हताहत हुए लोगों की चिकित्सा सरकारी सेवाओं के भरोसे ही है।
भिवानी, लोहानी या हिसार से पहले बहल तथा लोहारू क्षेत्र में ऐसा कोई मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल नहीं है।