छेड़छाड़ के आरोप से आहत कोर्ट के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अदालत परिसर में गारद रूम के बाहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। कर्मचारी को गंभीर हालत में उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कर्मचारी ने उसकी सुनवाई नहीं होने के आरोप लगाया है।
मामला दोपहर करीब सवा एक बजे का है। कोर्ट परिसर में गारद रूम के पास पुर वासी करीब 34 वर्षीय राजेश ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत खराब हुई और वह जमीन पर गिरा तो कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। युवक को उपचार के लिए शहर के चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची मगर चिकित्सकों ने राजेश को अनफिट करार दिया। राजेश ने इतना जरूर कहा कि उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। राजेश के चाचा गंगाराम और पिता धर्मचंद ने बताया कि राजेश की लोहारू कोर्ट में ड्यूटी थी। वहां से उसने भिवानी ट्रांसफर करवा लिया। 18 जुलाई को ही वह वहां से रिलीव हो गया। उसी दिन जज के घर काम करने वाली एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने उस पर छेड़छाड़ के आरोप लगा दिए थे। उसका लोहारू थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। राजेश को जज ने बुलाया मगर उसी दिन उसके भांजे की हालत गंभीर थी। बीमारी के कारण भांजे की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वहां से रिलीव होने के बाद राजेश ने भिवानी भी ज्वाइन कर लिया। तीन-चार दिन ड्यूटी भी की और फिर उसे सस्पेंड कर दिया गया। फिलहाल वह सस्पेंड चल रहा है।
शुक्रवार को कोई सुनवाई नहीं होने के कारण उसने यह कदम उठाया। उसने अपने पर लगाए आरोप को गलत बताया है।