चांग। रोडवेज बस में एक प्रवासी मजदूर दर्द से कराहता रहा और चालक-परिचालक ने उनकी एक नहीं सुनी। दर्द से कराहते मजदूर के परिजनों से मारपीट की गई। आखिरकार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मजदूर ने दम तोड़ दिया। शव को शव गृह में रखा गया है और परिजनों के बयान के आधार पर सोमवार सुबह कार्रवाई होगी। रोडवेज प्रशासन ने ऐसी किसी घटना से इंकार करते हुए जांच की बात कही है।
घटना रविवार दोपहर की है। उत्तर प्रदेश के शहर पांडा वासी मजदूर घनश्याम व पप्पू झज्जर से झांसी जा रहे थे। खरक गांव के पास बस में अचानक घनश्याम की तबीयत खराब हो गई। पप्पू उसे खरक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजन पप्पू ने बताया कि वह झज्जर- बहादुरगढ़ मार्ग पर दुल्हेड़ा गांव में पिछले कई महीनों से ईंट भट्टे पर काम कर रहे थे। झज्जर से हांसी जाने के लिए हरियाणा रोडवेज की बस मे सवार हुए थे। कलानौर के पास आने के बाद उसके बड़े भाई घनश्याम के सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद उसने चालक व परिचालक को बस रोकने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने हमारी एक बात भी नही सुनी और बस को नहीं रोका। गांव खरक कलां के पास पहुंचते ही घनश्याम को बहुत तेज दर्द हो गया। इसके बाद चालक व परिचालक घनश्याम को रोड पर छोड़ बस को ले गए। अगर चालक व परिचालक बस को कलानौर के पास रोक लेता तो घनश्याम की मौत नही होती।
रोडवेज चालक परिचालक ने की हाथापाई
मृतक मजदूर के परिजन पप्पू ने बताया कि घनश्याम के सीने में दर्द होने के बाद परिचालक को बस रोकने के लिए कहा गया लेकिन परिचालक ने बस रोकने की बजाय मेरे व मेरे भाई के साथ हाथापाई शुरू कर दी, जिसके बाद मेरे भाई घनश्याम की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। पप्पू ने बताया कि परिचालक ने टिकट भी छिनने की कोशिश की, लेकिन छिना झपटी मे सिर्फ एक टिकट ही छिन पाया व बाकी टिकट उसके हाथ में रह गई।
शव को कैसे ले जाऊंगा अपने गांव
पप्पू ने बताया कि उनका गुजर बसर पिछले कई महीनों से ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन इस घटना ने मेरे पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि उनका गांव यूपी राज्य के शहर पांडा के पास लगता है, जो यहां से करीब 700 किलोमीटर दूर है। वहां जाने में करीब 10 हजार रुपये खर्च आता है, इतने गरीब हालात में शव को वहां कैसे लेकर जाएं।
वर्जन:
यूपी का रहने वाला घनश्याम की हार्ट अटैक से यात्रा के दौरान मौत हुई है। उसके परिजन इलाज के लिए खरक पीएचसी पहुुंचे थे, यहां पहुंचते ही घनश्याम की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिवानी सामान्य अस्पताल पहुुंचा दिया है। मृतक के परिजनों के बयान पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रामकिशन जांगड़ा, खरक चौकी इंचार्ज।
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ऐसा संभव नहीं लगता कि चालक-परिचालक किसी यात्री की तबीयत खराब होने पर बस न रोके। अन्य सवारियां भी विरोध करने लगती है। अभी जांच की जा रही है और किसी कर्मचारी की लापरवाही मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उदयवीर सिंह दूहन, रोडवेज प्रबधंक, भिवानी डिपो।