दहलवासिया विद्या विहार स्कूल का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। कोर्ट के आदेश का हवाला देकर सोमवार को स्कूल पर काबिज होने वाली प्रबंध समिति से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ कार्यवाहक प्राचार्य की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बीच, स्कूल प्रशासक और एडीसी ने पीजीटी कंप्यूटर साइंस गुलशन पुरुथी को डिसमिस कर दिया। पुरुथी को प्रबंध समिति ने कल कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया था।
सोमवार रात तक कानूनी कार्रवाई से इनकार करने वाली सिविल लाइन पुलिस ने रात्रि करीब ढाई बजे स्कूल के कार्यवाहक प्राचार्य डा. रमाकांत शर्मा की शिकायत पर एक्शन में आई। सोमवार को दिन में स्कूल का कार्यभार लेने वाले प्रबंध समिति के पदाधिकारी शिव शंकर कसेरा, राजकुमार सैनी व रविंद्र सैनी के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। डा. शर्मा की ओर से दी शिकायत में कहा गया है कि उक्त तीनों पदाधिकारी जबरदस्ती उनकी सीट पर बैठ गए। उन्हें काम करने से रोका। यही नहीं, जबरदस्ती अकाउंट के खाते जांचे। तीनों ने
स्कूल का माहौल बिगाडने का प्रयास भी किया। उधर, प्रशासक व एडीसी धीरेंद्र खरगटा ने प्रबंध समिति की ओर से बनाए गए कार्यवाहक प्राचार्य गुलशन पुरुथी को पीजीटी कंप्यूटर साइंस के पद से हटा दिया। उनके खिलाफ यह कार्रवाई अनुशासन को आधार बनाकर की गई है।
यूं घटा घटनाक्रम
सहकारी समिति के रजिस्ट्रार के आदेश के बाद पिछले साल अप्रैल महीने में हलवासिया स्कूल पर प्रशासक नियुक्त किया गया। कल सोमवार को प्रबंध समिति के तीन पदाधिकारियों ने यह कहते हुए स्कूल पहुंच गए कि हाई कोर्ट का फैसला उनके हक में आया है। तीनों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभालने का दावा करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य डा. रमाकांत शर्मा को पद से हटाते हुए गुलशन पुरुथी को यह जिम्मेदारी सौंप दी। इस घटनाक्रम के बाद स्कूल में पुलिस बुलाई गई। बाद में पुलिस लौट गई।
पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया : पुरुथी
प्रबंध समिति की ओर से कल स्कूल के कार्यवाहक प्राचार्य बनाने और बाद में प्रशासक की ओर से उन्हें नौकरी से निकाले जाने के आदेश के बाद गुलशन पुरुथी ने कहा कि उन्हें नौकरी से हटाने की एक तरफा कार्रवाई हुई है। उनसे उनका पक्ष तक नहीं पूछा गया। उन्हें यह तक मालूम नहीं कि उन्हें हटाया क्यों गया है। स्कूल आए तो उन्हें हटाए जाने का पत्र मिला।
कोर्ट की अवमानना का केस करेंगे: सैनी
स्कूल प्रबंध समिति के पदाधिकारी राजकुमार सैनी ने कहा कि वे लोग हाई कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल गए थे। जिन बातों को आधार बनाकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, वह निराधार है। अब जल्द ही कोर्ट की अवमानना का केस डालेंगे। इस बीच, मीडिया को जारी नोट में जन कल्याण ट्रस्ट के एमडी विनय शंकर के हवाले से बताया गया कि वे स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई से आहत हैं और हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेंगे।