गांव बिरहीं कलां पुराने विवाद को सुलझाने गए बुजुर्ग को बंधक बना करीब आधा दर्जन युवकों ने लाठी डंडो से हमला कर दिया। गांव के ही कुछ ग्रामीणों ने चीख पुकार सुनकर बुजुर्ग को हमलावरों के कब्जे से छुड़ाया और उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन गांव मेहड़ा निवासी 70 वर्षीय रोहताश ने बताया कि बुधवार को उसके लड़के व बिरहीं कलां के एक व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।
बुधवार देर शाम बिरहीं कलां के व्यक्ति के लड़के का रोहतास के लड़के पास फोन आया जिन्होंने उसे जान से मारने व गंदी गालियां देनी शुरू कर दी। किसी अनहोनी के डर से गुरुवार सुबह रोहतास अपने भतीजे तस्वीर के साथ बिरहीं कलंा समझौते व गलती मानने चला गया। जहां जाते ही एक कार आई जिसमें करीब एक दर्जन युवक लाठी डंडे लिए सवार थे। सभी ने नीचे उतरते ही रोहतास व तस्वीर को पकड़ अपने घर के अंदर उठा ले गए। जहां तस्वीर उन्हें धक्का मार गांव की तरफ भाग गया लेकिन रोहतास को कमरे में बंद कर हमलावरों ने पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित रोहतास ने बताया कि दो युवकों ने उसका गला दबा दिया और बाकि ने उसे लाठी डंडो से पीटना शुरू कर दिया। करीब 20 मिनट बाद तस्वीर गांव बिरहीं कलां के कुछ ग्रामीणों को लेकर मौके पर पहुंचा जिन्होंने बुजुर्ग को आजाद करवा उपचार के लिए सिविल अस्पताल में पहुंचाया। जहां आदमपुर चौकी पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।