आंदोलनकारी जाट दिल्ली कूच की जिद के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जिले में सेना तैनात की है। सेना की आठ कॉलम (18 सौ जवान) जिले की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। देर सायं सेना यहां पहुंच गई है। इसके अलावा आईटीबीपी की एक कंपनी भी पहुंच चुकी है। जिले के सभी मुख्य मार्गों पर फोर्स तैनात कर जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी सूरत में रोड जाम व रेलवे ट्रैक जाम नहीं करने दिया जाएगा। ट्रैक्टरों में तेल डालने पर रोक लगा दी गई है। भिवानी व तोशाम में शराब बिक्री बंद कर दी गई है। वहीं, जाट नेताओं ने ऐलान किया है कि प्रशासन चाहे कुछ भी कर ले वे दिल्ली कूच करेंगे और रोका तो मुख्य मार्गों को जाम कर देंगे। जेसीबी साथ लेकर चलने और ट्रैक्टरों में तेल डलवाने की बात भी कही है।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के 20 मार्च को दिल्ली कूच करने के फैसले से जिला प्रशासन, व्यापारियों और आमजन की नींद उड़ा दी है। जिला प्रशासन आंदोलनकारियों से निपटने के लिए प्लानिंग बना रहा है तो आंदोलनकारी जाट हर हाल में दिल्ली कूच करने की जिद पर अड़े हुए हैं।
शनिवार को दिनभर बैठकों का दौर चला। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी दिनभर आंदोलनकारियों को दिल्ली कूच करने से रोकने की तैयारी में लगे रहे। उपायुक्त डा. अंशज सिंह ने बताया कि आरक्षण आंदोलन के मद्देजनर जिले की सीमाएं सील रहेंगी तथा किसी भी सूरत में संसद कूच के लिए लोगों को नहीं जाने दिया जाएगा। ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। आमजन की सुरक्षा के लिए सेना की 18 कॉलम जिले में शीघ्र पहुंच रही हैं, जिसमें एक कॉलम में 100 जवान होंगे। किसी भी तरह की अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए जिले में इंटरनेट सेवाएं आगामी आदेशों तक बंद कर दी गई हैं।
किसी भी सूरत में मुख्य राजमार्गों व रेलवे मार्गों को रोकने नहीं दिया जाएगा। भिवानी व तोशाम जैसे संवेदनशील इलाकों में शराब की बिक्री पूर्णतया बंद रहेगी। इसके अलावा ट्रैक्टर ट्रालियों में किसी भी प्रकार का तेजधार हथियार, ज्वलनशील पदार्थ व अन्य खाद्य सामग्री भी यदि मिलती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पैट्रोल पंप मालिकों से ट्रैक्टरों में तेल नहीं डालने के आदेश दिए हैं। दिल्ली को जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर पुलिस नाके लगाए हैं। बसों की सुरक्षा को लेकर भी एतिहात बरता गया है।
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निजी व सरकारी एंबुलेंस तैयार
उपायुक्त डॉ. अंशज सिंह ने आरक्षण आंदोलन के दौरान नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों को आपस में तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जहां भी जाना हो तो एक साथ व एक ही गाड़ी में जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की हर निजी व सरकारी एंबुलेंस गाड़ियों को दुरुस्त रखें। रोडवेज यातायात प्रबंधक को बसों की सुरक्षा व समुचित संख्या में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के तहत आने वाले गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों के संपर्क में रहें तथा गांवों से किसी भी हालत में ट्रैक्टर ट्रालियों को सवारी होने के तौर पर प्रयोग न होने दें। उन्होंने कहा कि यदि गांवों से ट्रैक्टर ट्रालियां गांवों से आती हैं तो उसके लिए पंचायत प्रतिनिधि जिम्मेदार होंगे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने कहा कि यदि कहीं भी दंगा भड़कने की आशंका हो तो स्थिति भांपते हुए प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त धीरेंद्र खडग़टा, नगराधीश महेश कुमार, सभी उपमंडल नागरिक अधिकारी, जिलेभर में तैनान ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। जैन चौक पुलिस चौकी में पुलिस ने व्यापारियों के साथ हालात पर चर्चा की। पुलिस ने व्यापारियों से सहयोग मांगा।
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जाट नेता बोले, रोका तो करेंगे रोड जाम
धनाना में चल रहे धरने पर भी प्रशासनिक की तैयारियों की चर्चा रही। जाट नेताओं ने कहा कि वे शांतिपूर्वक जाएंगे और प्रशासन ने रोका तो वे वहीं मुख्य मार्ग को जाम कर देंगे। ट्रैक्टर ट्रालियों में पहले ही तेल डलवा लिया है और प्रशासन रास्ते में रोडे़, पत्थर या पेड़ से रास्ता बंद न कर पाये इसलिए जेसीबी मशीन लेकर जाएंगे। वे अपनी जायज मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हैं। समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह जताई ने कहा कि प्रशासन चाहे कितने भी इंतजाम कर ले वे जाकर रहेंगे।