चार किलो छह सौ ग्राम चरस के साथ सीआईए पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हिसार से 15 हजार रुपये किलो में खरीदी गई चरस को भिवानी में 35 हजार रुपये किलो में बेचा जा रहा था। फिलहाल तीनों पुलिस हिरासत में है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
सीआईए पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पहले मुंढाल और फिर बवानीखेड़ा में नाकेबंदी कर तीन चरस तस्करों को गिरफ्तार किया। पहले सीआईए पुलिस ने गांव मुंढाल से एक स्विफ्ट गाड़ी में सवार दो युवकों को पकड़ा। इनसे तीन किलो सात सौ ग्राम चरस बरामद हुआ। फिर बवानीखेड़ा से एक युवक को नौ ग्राम चरस के साथ काबू किया।
सीआईए पुलिस के एएसआई करतार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर मुंढाल में वाहनों की जांच का अभियान चलाया। जांच अभियान के दौरान एक स्विफ्ट गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें तीन किलो सात ग्राम चरस बरामद हुआ। गाड़ी से हांसी क्षेत्र के गांव बाड़ा वासी अशोक व जींद जिला के गांव खरकड़ा वासी सन्नी को काबू किया। अशोक से एक किलो 900 ग्राम और सन्नी से एक किलो 800 ग्राम चरस बरामद किए गए हैं। इसके बाद बवानीखेड़ा में दबिश दी गई और बवानीखेड़ा वासी युवक संदीप को नौ ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। करतार सिंह ने बताया कि तीनों को दो दिन पहले पकड़े गए चरस के तस्कर जितेन्द्र की निशानदेही पर पकड़ा गया।
दोगुना से भी ज्यादा कमाई
तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि व बवानीखेड़ा निवासी सतीश व हिसार निवासी एक अन्य व्यक्ति से चरस प्रति किलो 15-16 हजार रुपये में लेते थे और आगे थोक में इसे 32 से 35 हजार रुपये किलो में बेचते थे। यानी दोगुने से भी ज्यादा कीमत में। अब पुलिस हिसार व बवानीखेड़ा के उन दो लोगों की तलाश है जिनसे ये चरस लेकर तस्करी का काला कारोबार करते थे। पूछताछ में सामने आया कि ये चरस की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचते थे।