भिवानी। बिजली चोरी पकड़ने के बाद मामला रफा दफा करने के बदले तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते निगम का लाइन मैन काबू किया गया है। विजिलेंस टीम ने आरोपी लाइनमैन को काबू किया। शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये मांगे, पर बाद में तीन हजार में समझौता हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मंगलवार दोपहर पुलिस ने तोशाम बाइपास से बिजली निगम के लाइनमैन अनूप सिंह को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते काबू किया। विजिलेंस टीम आरोपी को रंगे हाथ पकड़कर विजिलेंस कार्यालय लाई। विजिलेंस इंस्पेक्टर श्रीराम ने बताया कि मूलरूप से सांवड़ वासी रवींद्र कौंट रोड पर मकान बनाकर रहता है। बिजली निगम की टीम ने 23 नवंबर को छापेमारी की, तो उसके मीटर के पास मुख्य तार में एक कट का निशान पाया। इसके बाद बिजली निगम कर्मचारियों ने कहा कि तुम बिजली चोरी करते हो और वहां के कुछ फोटो खींच लिये। निगम कर्मचारियों ने कहा कि मोटा जुर्माना लगेगा। अगर जुर्माने से बचना है तो एक मोबाइल नंबर दिया और उस पर संपर्क करने की बात कही। रवींद्र ने संपर्क किया तो फोन लाइनमैन अनूप सिंह का मिला। रवींद्र ने बताया कि लाइनमैन ने जुर्माने और कार्रवाई से बचाने के लिए उससे 10 हजार रुपये मांगे। बाद में 10 की बजाए तीन हजार रुपये में बात तय हुई। रवींद्र ने इसकी शिकायत सोमवार को विजिलेंस टीम को दी। योजना के तहत विजिलेंस टीम ने रवींद्र को पाउडर लगे नोट देकर लाइनमैन अनूप सिंह को देने के लिए कहा। मंगलवार दोपहर जैसे ही आरोपी लाइनमैन ने रुपये लिये, विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर श्रीराम के अलावा एसआई सांवरमल, एएसआई नरेंद्र व रोहताश, ईएएसआई संजय कुमार, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, निशांत सिंह, प्रदीप कुमार शामिल रहे।
टीम में शामिल अन्य कर्मचारी भी फंसेंगे
रिश्वत के मामले में लाइनमैन के अलावा बिजली चोरी पकडने गई टीम में शामिल सदस्य भी लपेटे में आएंगे। छापेमारी के समय तीन-चार कर्मचारियों की टीम वहां थी। किसी ने र्कावाई नहीं आई। लाइनमैन ने रिश्वत ली। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और छापा मारने वाली टीम पर भी कार्रवाई हो सकती है।