चाचा की हत्या मामले में भतीजे को गवाही देने से रोकने के लिए उसके घर अंधाधुंध फायरिंग की गई। चार-पांच गोलियां दाग युवक फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को सुरक्षा दी और आरोपी एक नामजद व तीन अन्य के खिलाफ हत्या प्रयास का मामला दर्ज किया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में युवक गवाही देने पहुंचा।
मामला 17 अक्तूबर की देर रात एक बजे का गांव बांडाहेड़ी का है। भिवानी के मुंढाल बॉर्डर पर स्थित एक गांव में जिस जगह घटना हुई है, उस जगह को लेकर हांसी पुलिस और भिवानी सदर थाना पुलिस असमंजस की स्थिति में है कि किसका क्षेत्र पड़ता है। फिलहाल सदर थाना भिवानी में मामला दर्ज कर लिया है।
हमला हत्या के मामले में गवाही देने से रोकने का है। पुलिस को दी शिकायत मेें भांडाहेड़ी वासी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उसके चाचा की 17 मई 2005 में हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में 18 अक्तूबर को उसकी गवाही होनी थी। रात करीब एक बजे तीन-चार युवक उसके घर आए और कहने लगे कि गवाही नहीं देनी। इसी बात पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। वह किसी तरह छत से भागकर अपनी जान बचाई। घर के दरवाजे के पास से गोलियां चलाई गई। गोली चलाने के बाद हमलावर वहां से भाग निकले। जिसके बाद उसने पुलिस को सूचित किया।
मामले में मुंढाल चौकी इंचार्ज महेंद्र कुमार ने बताया कि जोगेंद्र को गवाही देने से रोकने के लिए हमला करने का मामला सामने आया है। चार-पांच गोलियां चलाई गई है। फिलहाल प्रेमनगर वासी बलराज व तीन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जगह को लेकर थोड़ी असमंजस है। पटवारी से बातचीत की जाएगी कि वारदात स्थल भिवानी क्षेत्र में आता है या हांसी।
पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हुई गवाही
बदमाशों ने भले ही फायरिंग कर जोगेंद्र को गवाही देने से रोकने का प्रयास किया हो मगर चाचा को न्याय दिलाने के लिए वह पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हांसी में गवाही देने पहुंचा। मामले में मुंढाल चौकी इंचार्ज महेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस फोर्स की सुरक्षा में गवाही के लिए ले जाया गया। गवाही हुई है। हत्या के इस मामले में चार लोग पहले ही जेल में है।