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डॉ. बावा मर्डर मिस्ट्री: 23 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, परिजन नाराज

Thu, 05 Jan 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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murder
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भिवानी के डा. केएल बावा हत्याकांड को 23 दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस की जांच स्कार्पियो गाड़ी से आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस की लचर जांच से परिजन भी खासे खफा है। परिजनों का कहना है कि उनके पास जितनी साक्ष्य थे दे दिए मगर उनकी जांच हुई या नहीं पुलिस ने उन्हें नहीं बताया। जांच टीम में पुलिस कर्मचारियों की कमी है तो और लगाए जाए। हत्या के 23 दिन बाद भी हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगना, पुलिस पूरी तरह से फेलियर साबित हो रही है।
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ज्ञात हो कि डॉ. केएल बावा की 12 दिसंबर की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव रासीवास गांव की बणी में मिला था। हाथ-पांव बांधकर गोली मारी गई। अब तक पुलिस टीम डॉ. बावा की गाड़ी के पीछ चल रही स्कार्पियो गाड़ी को ही सीसीटीवी कैमरे की नजर से देख पाई है। न तो गाड़ी तक पहुंच पाई और न ही हत्यारों का कोई सुराग लगा।

पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई से न केवल चिकित्सकों बल्कि परिजनों में भी खासा रोष है। डॉ. बावा के छोटे बेटे डॉ. मंजूल ने बताया कि उनके पास जितने साक्ष्य थे सब पुलिस को दिए थे। अब पुलिस ने उनकी जांच की या नहीं कुछ नहीं पता। अब तक किसी साक्ष्य को रिजेक्ट नहीं किया गया है। डॉ. पूनम बावा भी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराज दिखी।
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डा. बावा के परिजनों का कहना है कि बवानीखेड़ा में डॉ. जगदीश अरोड़ा पर फायरिंग की गई। हत्या का प्रयास करने वालों का नाम भी सामने आया और चेहरा भी। इसके बावजूद आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है। ऐसे में डॉ. बावा के हत्यारों का तो न नाम है ना फोटो और ना ही अन्य कोई सुराग। ऐसे में क्या पुलिस पकड़ पाएगी। यह कहना है

फ्रेंडस कॉलोनीवासी उतरे सड़क पर
फ्रेंडस कॉलोनी खरकड़ी मोड़ के लोग भी डॉ. बावा हत्याकांड में बरती जा रही लापरवाही के विरोध में उतर में आए हैं। कॉलोनी वासियों ने प्रदर्शन कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की।
जन संघर्ष समिति के बैनर तले फ्रेंड कॉलोनी खरकड़ी मोड़ के लोग सड़क पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डा. बावा की हत्या व बवानीखेड़ा में डा. जगदीश अरोड़ा पर जानलेवा हमले में पुलिस लापरवाही बरत रही है। अंबेडकर समिति के प्रधान भगवान दास ने कहा कि भिवानी व दादरी पुलिस मिलकर भी हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है। यह पुलिस प्रशासन की नाकामी को दिखा रहा है। 11 जनवरी को सभी डॉक्टर व सभी जनसंगठन मिलकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर रामफल देशवाल, सुशीला, प्रवीण, सुनीता, पंकज, मयंक, अमन, सौरभ, आशिष आदि मौजूद रहे।
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