भिवानी के अचीना के राजकीय स्कूल में बतौर हिंदी अध्यापक नियुक्त एक शिक्षक के आठवीं कक्षा के छात्र से अश्लील हरकत करने के मामले ने सोमवार सुबह तूल पकड़ लिया। शनिवार को हुई इस घटना पर प्राचार्य द्वारा एक्शन नहीं लेने पर पंचायत की अगुवाई में एकजुट होकर ग्रामीण सुबह स्कूल परिसर पहुंचे। घिनौने कार्य से खफा महिलाओं ने तो स्कूल प्राचार्य को कार्यालय में ही थप्पड़ जड़कर तोड़फोड़ भी की। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में मामला आते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। एकाएक बनी तनाव की स्थिति को देखते हुए रिजर्व फोर्स भी बुला ली गई। बाद में पुलिस प्रशासन ने आरोपी शिक्षक की गैरहाजिरी में स्कूल प्राचार्य को हिरासत में लेकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत करवाया। बाद में आरोपी शिक्षक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। प्राचार्य और शिक्षक का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवा उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित छात्र की मां ने इस संबंध में पुलिस प्रशासन व शिक्षा विभाग को लिखित में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव अचीना निवासी आठवीं कक्षा के छात्र से स्कूल में तैनात गांव भागेश्वरी निवासी हिंदी अध्यापक संजय ने शनिवार को मौका पाकर अश्लील हरकतें शुरू कर दी। छात्र के इस पर आपत्ति जताने पर भी शिक्षक संजय अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। जैसे-तैसे छात्र उक्त शिक्षक के चुंगल से छुटकर बाहर आया। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित छात्र की मां कमलेश ने बताया कि शिक्षक संजय ने उसके बेटे को मिड-डे मिल वाले कमरे में बुलाया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। इसका विरोध जताया तो शिक्षक संजय ने उसे नई ड्रेस व चॉकलेट का लालच दिया। कमरे से बाहर आकर उसके बेटे ने शिक्षक के घिनौने कार्य से स्कूल प्राचार्य को भी अवगत करवाया। इसके बाद उसके बेटे ने घर पर आकर उन्हें मामले की जानकारी दी। मामले से उन्होंने गांव के सरपंच सहित अन्य प्रमुख लोगों को भी अवगत करवाया। महिलाओं सहित ग्रामीणों ने शिक्षक संजय के घिनौने कार्य को दबाने के आरोप भी प्राचार्य जसवंत पर जड़े। ग्रामीणों का तर्क था कि प्राचार्य जसवंत व शिक्षक संजय में सांठ-गांठ और दोनों एकसाथ ही स्कूल से आते-जाते है। यहां तक की घटना की जानकारी प्राचार्य को देने के बाद भी उन्होंने छात्र से मामले की जानकारी घर पर न देने की बात कही।
महिलाओं ने जड़े प्राचार्य को थप्पड़, कार्यालय में की तोड़फोड़
सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव की 25-30 महिलाएं सीधी प्राचार्य कार्यालय में पहुंची और उनसे शिक्षक के खिलाफ लिए गए एक्शन बारे पूछताछ की। इस दौरान कोई जवाब नहीं देने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्राचार्य को थप्पड़ जड़ने के साथ-साथ कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद अन्य ग्रामीण व युवा भी स्कूल परिसर पहुंच गए। जब पुलिस कर्मचारी प्राचार्य जसवंत को थाने ले जाने के लिए कार्यालय से बाहर लाने लगे तो एकाएक ग्रामीण उग्र हो गए और मार पिटाई के लिए आगे बढ़े। इसे बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए सुरक्षा घेरे में प्राचार्य को पीसीआर तक पहुंचाया।
तीन साल पहले हड़ौदी स्कूल में की थी आरोपी शिक्षक ने ऐसी हरकत
सरपंच प्रेम सिंह, पंच सुरेंद्र, अजयपाल, ओमप्रकाश, देवेंद्र, अभय नंबरदार व ब्रह्मदेव आदि ने बताया कि शिक्षस्र संजय ने इससे पहले हड़ौदी में भी एक छात्र के साथ अश्लील हरकत की थी। इसके बाद उसे कुछ दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया और चार्जशीट कर अचीना स्कूल में भेजा गया था। अभी भी मामले की जांच चल रही है और उक्त शिक्षक ने दूसरी दफा ऐसी हरकत कर डाली। ग्रामीणों ने बताया कि जब प्राचार्य से शिक्षक की गैरहाजिरी के बारे बात की गई तो उन्होंने उसके छुट्टी पर होने का हवाला दिया जबकि आरोपी शिक्षक संजय का तर्क था कि वह स्कूल के काम से भिवानी गया हुआ है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आरोपी शिक्षक को तुरंत प्रभावसे बर्खास्त करने की मांग की है।
शिक्षक ने जो घिनौना कार्य किया है उसके लिए विभाग ने उसे सस्पेंड कर दिया है। प्राचार्य की मिलीभगत की बात सामने आई है तो इस मामले की भी जांच की जाएगी। अगर प्राचार्य का भी इसमें हाथ हुआ तो बख्शा नहीं जाएगा। शिक्षा विभाग के डायरेक्टर व मुख्य सचिव को भी वो तुरंत प्रभाव से पत्र लिखेंगे।
सुरेश सिवाच, डीईओ
प्राचार्य जसवंत व शिक्षक संजय को हिरासत में ले लिया है। दोनों की मेडिकल जांच करवाई गई है। मामले की जांच चल रही है।
अजीत सिंह, बौंद थाना प्रभारी