भिवानी शहर के अकेले भिवानी पब्लिक स्कूल में ही नहीं, बल्कि नौ परीक्षा केंद्रों पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की क्लर्क परीक्षा की आंसर-की पहुंचाई गई।
पुलिस की गिरफ्त में आए कोचिंग सेंटर के साइंस टीचर अनिल पंघाल ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया। अनिल ने बताया कि मुख्य डील जितेंद्र सिवाच करता था। भिवानी में उसकी तरह नौ लोग जैमर कर्मचारी बनकर परीक्षार्थियों तक पहुंचे और आंसर-की उपलब्ध कराई है। उसकी भिवानी पब्लिक स्कूल में ड्यूटी लगाई गई। अन्य लोग शहर के ही वैश्य स्कूल, जी लिट्रा स्कूल, आदर्श कॉलेज, राजीव गांधी कॉलेज, गवर्नमेंट कॉलेज, केएम स्कूल व हलवासिया स्कूल स्थित परीक्षा केंद्रों में गए है। अनिल पंघाल ने बताया कि जितेंद्र सिवाच ने उस तक आंसर-की पहुंचाई।
एसआईटी इंचार्ज डीएसपी विजय देशवाल ने बताया कि अन्य कौन-कौन से जिलों में आंसर-की पहुंचाई गई और पर्चा कहां लीक किया गया। इसकी जांच की जा रही है। फरार जितेंद्र सिवाच, जेबीटी टीचर सतीश कुमार ही इस संबंध में कुछ बता सकते हैं। जैमर कंपनी के सुपरवाइजर अजय जांगड़ा की भी तलाश की जा रही है।
एसपी ने इनकी थपथपाई पीठ
पेपर लीक मामले का इतनी जल्द खुलासा करने में डीएसपी विजय देशवाल, सिविल लाइन थाना इंस्पेक्टर संजय बिश्रोई, सीआईए इंचार्ज रवींद्र कुमार, सेक्टर 13 चौकी इंचार्ज एसआई रामनिवास की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने इन पुलिस अधिकारियों की पीठ थपथपाई।