बार-बार मारपीट से परेशान और पुलिस कार्रवाई नहीं होने से खफा भिवानी के केलंगा गांव के परिवार अपने सारे सामान समेत लघु सचिवालय पहुंचा और धरना दिया। गांव के कुछ लोगों पर बार-बार मारपीट का आरोप लगाते हुए उक्त परिवारों के सदस्यों ने पुलिस पर भी कार्रवाई की बजाए समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। देर शाम कार्रवाई के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार वापस गांव लौटने को तैयार हो गया।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे केलंगा वासी चंद्रभान का परिवार एक गाड़ी में अपना सारा घरेलू सामान लेकर लघु सचिवालय पहुंचा। यहां धरना दिया तो पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मिलने के लिए बुलाया। यहां पुलिस अधीक्षक से मुलाकात में चंद्रभान के बेटे संजय ने बताया कि आठ मई की रात से विवाद शुरू हुआ। कुछ लोग शराब के नशे में उसके घर पहुंचे और झगड़ा करना शुरू कर दिया। वे तीन-चार थे और वह अकेला। इस कारण भागकर अपनी जान बचाई। उक्त लोगों ने दोबारा उस पर लाठियों हमला किया। जिस कारण उसे गंभीर चोटें आई। उसे उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया। रात 12 बजे वे शिकायत लेकर खरक चौकी पहुंचे मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस कर्मी अस्पताल में बयान लेने पहुंचा। उसने चार के नाम बताए मगर सिर्फ दो पर ही कार्रवाई की गई। उन्हें भी गिरफ्तार नहीं किया गया। उल्टा उसे ही समझौते के लिए परेशान किया जाने लगा। 14 मई को दोबारा हमला किया गया। 19 मई को छोटे भाई की शादी के दौरान भरी पंचायत में जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस कर्मी भी उक्त हमलावरों से मिले हुए है। शरीर में फ्रेक्चर होने के बावजूद उसकी एक्सरे रिपोर्ट नहीं ली गई। पुलिस कर्मी कहने लगे कि तू बाद में चोट मारकर आया है। अब उसे कहा जा रहा है कि तेरे इलाज का खर्च दिला देंगे समझौता कर ले। वहीं हमलावर अब भी खुलेआम उसे धमकी दे रहे है। पूरे परिवार की जान को खतरा बना हुआ है। इस कारण वे गांव से पूरे परिवार समेत सामान लेकर यहां आए है। पुलिस अधीक्षक ने उनकी गुहार सुनने के बाद कार्रवाई के लिए सदर थाना भेजा। सदर थाना प्रभारी जय सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।