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महिला सवारी नहीं उतारने के मामले पर रोडवेज चालक -परिचालक और यात्रियों में मारपीट

Thu, 21 Apr 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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झगड़ा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महिला सवारी उतारने को लेकर बुधवार दोपहर रोडवेज चालक और परिचालक से दो युवकों में झगड़ा हो गया। दोनों तरफ से जमकर लात-घूंसे चले। इसके बाद नाराज रोडवेज कर्मचारियों ने सेक्टर-13 के चौक पर जाम लगाकर आवागमन ठप कर दिया। रोडवेज नेताओं ने पुलिस पर रोडवेज कर्मचारियों को पिटवाने का आरोप लगाकर युवकों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। रोडवेज नेताओं और कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि चार दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
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बुधवार दोपहर पौने दो बजे के करीब भिवानी डिपो की बस जींद से सेक्टर-13 मोड़ पहुंचकर सवारियां उतारने लगी। बस के रुकते ही कॉलेज के बाहर खड़े युवक भी बस में चढ़ गए। एक महिला सवारी को बस से उतरना था मगर वह नहीं उतर पाई और बस चल पड़ी। युवकों ने महिला सवारी को उतारने के लिए चालक और परिचालक से बस रोकने को कहा। कुछ दूर चलकर चालक ने बस रोकी और उतरकर युवकों के पास आया। इसी दौरान उनमें कहासुनी और लात-घूंसे चलने लगे। सेक्टर-13 मोड़ पर तैनात पुलिस भी वहां पहुंची और कर्मचारियों और युवकों को अलग-अलग किया। घायल चालक रमेश, कंडक्टर जितेंद्र, युवक रवि तंवर और फिरोज खान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
झगड़े की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मचारी भी सेक्टर-13 मोड़ पर पहुंचे और 10-12 बसें सड़क के बीचोंबीच खड़ी कर जाम लगा दिया। रोडवेज कर्मचारियों ने पुलिस पर भी मारपीट का आरोप लगाया और आरोपी युवकों और पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कार्रवाई नहीं होने तक जाम नहीं खोलने की चेतावनी दी।  
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जाम की सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस, शहर थाना पुलिस, सेक्टर-13, टीआईटी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया मगर वे नहीं माने। इसके बाद तहसीलदार संजय बिश्रोई, रोडवेज महाप्रबंधक उदयवीर दूहन मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने मौके पर ही विचार-विमर्श किया और प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए चार दिन का समय दिया। साथ ही चेतावनी दी कि चार दिन में आरोपी युवकों और पुलिस कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। इस मौके पर रोडवेज कर्मचारी नेता राज कुमार, नरेंद्र, ईश्वर शर्मा आदि मौजूद रहे। जाम दोपहर साढ़े तीन बजे तक लगा रहा। जाम में फंसी रोडवेज की बसों के यात्री परेशान रहे। जाम के कारण राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

महिला यात्री के लिए रुकवा रहे थे बस
घायल युवक फिरोज खान और रवि तंवर ने बताया कि महिला सवारी को उतरना था, लेकिन चालक ने पहले ही बस चला दी। बस रुकवाने के लिए थपथपाई थी, मगर चालक और परिचालक ने आते ही गालियां देकर मारपीट शुरू कर दी। वहां होमगार्ड का जवान आया और छुड़वाने लगा। इसी दौरान मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने उनको छुड़वाया।

जबरन चढ़ने के लिए किया झगड़ा
घायल चालक रमेश और कंडक्टर जितेंद्र ने बताया कि यात्रियों को उतारने के लिए सेक्टर-13 मोड़ पर बस रोकी थी, मगर कॉलेज के विद्यार्थियों ने महिला यात्री को नहीं उतरने दिया। महिला यात्री को उतारने के लिए दोबारा बस रोकी। कुछ युवक जगह नहीं होने के बावजूद बस में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। टोकने पर उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। वहां आई पुलिस ने भी युवकों की मदद की। एक पुलिस कर्मचारी ने चालक के हाथ पकड़ कर कहा कि इनको और मारो। पुलिस कर्मचारी बोल रहे थे कि रोडवेज वालों को नौकरी करना सीखाते हैं।

पुराने विवाद का बदला ले रही पुलिस
कर्मचारी नेता नरेंद्र, राज कुमार, ईश्वर ने बताया कि पिछले सप्ताह भी ट्रैफिक पुलिस ने उनका चालान किया और कर्मचारियों से मारपीट की। उसका विरोध किया तो चालान रद किया। अब उसी का बदला लेकर आज कर्मचारियों से मारपीट की गई है। मारपीट करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
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मामले की जांच की जा रही है। जांच और घायलों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 
जय सिंह, एसएचओ, सिविल लाइन थाना
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