भिवानी निवासी चिकित्सक डॉ. केएल बावा हत्याकांड को सुलझाने के लिए भिवानी जेल में बंद बदमाश किरोड़ी पर खेला गया जिला पुलिस का दांव भी असफल साबित हुआ। प्रोडक्शन वारंट पर लाए किरोड़ी से कोई सुराग हाथ नहीं लगने पर उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस ने वापस जेल भेज दिया है। किरोड़ी को प्रोडक्शन वारंट पर लाने से पहले इस मामले के पटाक्षेप के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन हुआ इसका उलट। अब इस मामले को सुलझाने मे चार संदिग्ध लोगों के पॉलीग्राफ टेस्ट पर पुलिस प्रशासन की निगाहें है। हालांकि अभी तक इसकी तारीख जिला पुलिस प्रशासन को नहीं मिली है।
गौरतलब है कि शहर के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में सूर्या अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक डॉ. केएल बावा का अज्ञात ने अपहरण कर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले को सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस इस मामले को ट्रेस आउट करने के लिए हर दांव-पेच खेल रही है। खुद आईजी ओपी सिंह तो हत्यारों का सुराग देने वालों को पांच लाख की इनामी राशि देने की घोषणा भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस की जांच लाइन पकड़ती नजर नहीं आ रही। प्रदीप कासनी गैंग की गिरफ्तारी के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पुलिस अब इस मामले को भी जल्द ही ट्रेस आउट कर लेगी, लेकिन इनके जेल जाने और किरोड़ी के प्रोडक्शन वारंट की अवधि खत्म होने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। सीआईए प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान भी बदमाश किरोड़ी से हत्याकांड के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। उसे रविवार को दोबारा से जेल भेज दिया गया। मामले के चार संदिग्धों के पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए पुलिस को मधुबन से डेट मिलने का इंतजार है।