भिवानी के बौंदकलां के राजकीय सामुदायिक केंद्र में चिकित्सक की गैरमौजूदगी के चलते उपचार के अभाव में हुई महिला की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सक को दोषी माना है। इससे पहले पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाकर चिकित्सक के घटना के समय सीएसची की बजाय घर पर होने का खुलासा किया था। पुलिस उप अधीक्षक ने कॉल डिटेल की जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी।
एक दिसंबर 2015 को कस्बा निवासी मिथलेश की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद उसका बेटा अमित उसे लेकर सीएचसी पहुंचा था। यहां तैनात चिकित्सक नरेश गैर हाजिर होने के चलते उसे प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया। इसके बाद परिजन महिला को पीजीआई ले जाने लगे लेकिन बीच रास्ते उसकी मौत हो गई थी। इस मामले की शिकायत करने डिप्टी सीएमओ को मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच के दौरान उन्होंने कर्मचारियों के बयान दर्ज कर चिकित्सक नरेश को क्लीन चिट दे दी थी। उधर अमित ने इस मामले को लेकर सीएम विंडो पर शिकायत की थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डीएसपी को मामले की जांच करने को कहा था।
पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवा की स्थिति स्पष्ट
पुलिस अधीक्षक भिवानी द्वारा मुख्यमंत्री ग्रिविन्सिज सेल हरियाणा चंडीगढ़ को जारी पत्र क्रमांक 1601 पी के अनुसार बताया कि परिवादी द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने चिकित्सक नरेश के तीन मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाकर अध्ययन किया तो इसमें लोकेशन दुबलधन दिखाई गई। इससे स्पष्ट हो गया कि घटनाक्रम के वक्त चिकित्सक सीएचसी की बजाय अपने घर पर आराम फरमा रहा था।
पुलिस ने चिकित्सक की कॉल डिटेल निकलवाई थी। इसमें उस दिन बौंद की बजाय मोबाईल की लोकेशन दुबलधन पाई गई। पुलिस ने मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई थी।
विजय देशवाल, डीएसपी