सुबह साढ़े चार से सायं पांच बजे तक खोखे पर बैठाकर काम लिया जाता है। बार-बार पिटाई की जाती है। एक बार भागा तो मोमबत्ती के मोम से हाथ दाग दिए। यह खुलासा 13 वर्षीय एक बच्चे ने किया। उड़ीसा के रहने वाले बच्चे को ऑपरेशन मुस्कान के तहत टीम ने टीआईटी चौक के पास खोखे से बरामद किया।
ऑपरेशन मुस्कान के बाल बाल कल्याण विभाग और पुलिस टीम ने टीआईटी मिल के पास एक खोखे से एक 13 वर्षीय बच्चे को बरामद किया। बच्चे ने इसके बाद जो खुलासा किया वह सुन सब हैरान रह गए। बच्चे ने बताया कि ढाई साल पहले उसे यहां लाया गया था। वह ढाई साल से अपने परिवार वालों से नहीं मिला है। बच्चे ने बताया कि खोखा मालिक रोज सुबह उसे साढ़े चार बजे खोखे पर ले आता है और वह यहां बीड़ी, माचिस व अन्य सामान बेचता है। सायं को साढ़े पांच बजे घर ले जाते है। अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती है। बच्चे ने बताया कि पिछले दिनों तंग होकर वह यहां से भाग निकला मगर मालिक उसे बहादुरगढ़ से खोज लाया। उसके साथ मारपीट के अलावा मोम से उसके हाथ जला दिये। बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय व पुलिस टीम ने बच्चे का अस्पताल में मेडिकल करवाया और फिर बाल आश्रम भिजवाया। मामले में एसआई शमशेर सिंह, रमेश कुमार ने बताया कि बच्चे को खोखा मालिक से मुक्त कराया गया है। उसे बाल आश्रम में रखने के निर्देश हो गए है। बच्चे के आरोपों के बाद अब खोखा मालिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।