ठेकेदार से टेंडर फाइल पास करवाने के लिए तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए जनस्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को काबू किया गया है। महिला ने छह हजार रुपये मांगे थे, जिसमें तीन हजार रुपये ठेकेदार पहले ही दे चुका था। फिलहाल विजिलेंस टीम ने आरोपी महिला डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को रंगेहाथ काबू कर जांच शुरू कर दी है।
गांव खरक वासी श्रवण कुमार ने स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के सदस्यों के साथ मिलकर विजिलेंस को शिकायत दी। जिस पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस की टीम ने इंस्पेक्टर श्रीराम के नेतृत्व में जनस्वास्थ्य विभाग में छापा मारा और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट बीरमति को तीन हजार रुपये रिश्वत के साथ काबू किया। महिला कर्मचारी को पकड़कर विजिलेंस कार्यालय लाया गया। शिकायतकर्ता श्रवण कुमार ने बताया कि वह ठेकेदार है और टेंडर फाइल लगाने की एवज में उससे रुपये मांगे गए। टेंडर फाइल की फीस 5750 रुपये के डीडी देने के बाद डिप्टी सुपरिंटेंडेंट उससे 10 हजार रुपये रिश्वत के मांगने लगी। बाद में छह हजार में समझौता हुआ। तीन हजार पहले दे चुका है और बाकी तीन हजार देने के लिए दबाव बना रही थी। रुपये नहीं देने पर फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी। कार्रवाई करने वाली टीम में इंस्पेक्टर श्रीराम के अलावा नरेंद्र, मनोज, प्रदीप, महिला कर्मचारी सुमन शामिल रहे।
संगठन ने चलाया है अभियान
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रधान बृजपाल परमार ने कहा कि उनके पास बीते काफी दिनों से भ्रष्टाचार से संबंधित काफी शिकायतें आ रही थी जिसके चलते उनकी टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लडने का फैसला लिया और इसी के तहत यह कार्रवाई करवाई गई है। इस मौके पर संगठन के सचिव राजेश रंगा आदि मौजूद रहे।
जनस्वास्थ्य विभाग की महिला डिप्टी सुपरिंटेंडेंट बीरमति ने फाइल पास करने के बदले ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। तीन हजार रुपये रिश्वत के साथ आरोपी महिला कर्मचारी को काबू किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
श्रीराम, इंस्पेक्टर, विजिलेंस