भिवानी के बामला गांव में एक युवक का घर से अपहरण कर उसकी लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। युवक का शव सुबह तूड़े के कमरे में मिला। पुलिस ने शिकायत पर तीन सगे भाइयों व एक महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
मामला बृहस्पतिवार रात का है। बामला गांव में करीब 36 वर्षीय युवक रणजीत सिंह का अपहरण कर हत्या करने का मामला प्रकाश में आया। रात को काफी हंगामा भी हुआ। मृतक का शव शुक्रवार सुबह उसके ताऊ के घर में बने तूड़े के कमरे में मिला। मृतक के चचेरे भाई महेंद्र ने पुलिस को दिए ब्यान में बताया कि रणजीत रात करीब आठ बजे उसे मिला था। उससे कहा कि वह घर में अकेला है। मां भिवानी रिश्तेदारी में गई है। वह उसके साथ ही सो जाए। जिसके बाद रात को दोनों सोये थे। देर रात पड़ोस के ही कुछ उनके घर घुसे और रणजीत पर हमला कर दिया। वह छुड़वाने लगा मगर हमलावर ज्यादा थे। जिसके बाद वह दौड़कर अपने ताऊ व अन्य परिवार वालों को बुलाने गया। जब वापस आए तो न हमलावर थे और न ही रणजीत। हमने रातभर रणजीत को खोजा मगर कहीं पता नहीं लगा। शुक्रवार सुबह पड़ोस में रहने वाले ताऊ के घर बने तूड़े के कमरे में रणजीत मृत मिला। महेंद्र ने आरोप लगाया कि पड़ोस के कुछ लोगों ने रणजीत का अपहरण कर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर हत्या की है। पहले भी उक्त लोगों के साथ छोटा-मोटा झगड़ा हुआ है। अब अपहरण कर हत्या ही कर दी।
मामले में खरक चौकी इंचार्ज एसआई राजबीर सिवाच ने बताया कि लाठी-डंडों से पीटकर युवक रणजीत की हत्या की गई है। तीन सगे भाईयों कृष्ण, सेठा, राजा व महिला राधा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। राधा एक आरोपी कृष्ण की पत्नी है।
मां का इकलौता था रणजीत
रणजीत अपने माता-पिता का इकलौता लड़का था। रणजीत के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और अब रणजीत की मौत से बुजुर्ग महिला का कोई सहारा नहीं है। रणजीत अविवाहित था। उधर पुलिस ने मामले में तीन सगे भाइयों कृष्ण, सेठा, राजा व आरोपी कृष्ण की पत्नी राधा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। तीनों भाई मामले में फंसने से दूसरा परिवार भी बर्बाद हो गया है।