गली में भेड़ बकरियां बांधने को लेकर गांव बिगोवा में शुक्रवार सुबह दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत हो गई। घटना में दोनों पक्षों से दो महिलाओं व दो बच्चों सहित नौ लोग घायल हो गए। हत्यारोपी एक सैनिक भी विवाद में घायल हो गया। एक पक्ष से घायल आठ लोगों में से तीन को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया गया है। गांव में बनी तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में करवाया। वहीं, घायलों व मृतक युवक के परिजनों के बयान पर पुलिस ने पड़ोस के ही तीन सगे भाईयों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उधर देर शाम परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शव के साथ दादरी दिल्ली मुख्य मार्ग जाम कर दिया और रात दस बजे पुलिस द्वारा आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार करने के आश्वासन पर ही जाम खोला। परिजनों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर शनिवार को पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो वे दोबारा जाम लगाने पर मजबूर हो जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव बिगोवा निवासी संजय के परिवार वाले अपनी भेड़-बकरियां घर के समीप ही खाली प्लॉट में बांधते थे। इस बात को लेकर उनका कई बार उनके पड़ोस में रहने वाले एक परिवार से विवाद भी हो चुका था। उक्त परिवार का सदस्य मदन फौज में तैनात है और कुछ दिन पूर्व ही छुट्टी लेकर घर आया था। बृहस्पतिवार देर शाम जब मदन गली से बाइक लेकर गुजर रहा था तो एक भेड़ के बच्चे की बाइक के नीचे आने से मौत हो गई। इस बात को लेकर दोनों परिवारों की कहासुनी भी हो गई। मगर ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया। शुक्रवार सुबह जब मदन दोबारा गली से गुजरने लगा तो उसने संजय के 10 वर्षीय भतीजे शिवा को भेड़-बकरियां यहां बांधने पर गांव से निकालने की धमकी दी। जब शिवा ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी और वो इस मसले पर बात करने मदन के घर गए तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान भी आस पड़ोस के लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करवा दिया। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने बताया कि इसके कुछ देर बाद मदन का भाई श्याम हाथ में छुरी लिए वहां पहुंच गया और संजय के भाई सत्ते पर उसने हमला कर दिया। घटना में सत्ते गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी दौरान जब मदन और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे तो श्याम ने उन पर भी छुरी से कर बोल दिया। इसी विवाद में संजय नामक युवक की मौत हो गई जबकि उसके परिवार की ही दो महिलाओं और दो बच्चों सहित आठ लोग घायल हो गए। इस घटना से गांव में एकाएक तनाव की स्थिति पैदा होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद सदर पुलिस टीम सहित डीएसपी सुरेश हुड्डा मौके पर पहुंचे और संजय के शव को अपने कब्जे में लेकर चरखी दादरी के सिविल अस्पताल भिजवाया।
न बच्चों को बख्शा और न महिलाओं को
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि श्याम के सर पर खून सवार था। जब श्याम ने मृतक संजय के भाई सत्ते पर हमला बोला तो परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान संजय श्याम की इस हरकत का विरोध करने लगा तो वह आग-बबूला हो उठा और उसने अंधाधुंध छुरी से संजय के परिवार पर वार कर दिए। घटना में मृतक संजय के दो भतीजे संदीप व शिवा पर भी आरोपी श्याम ने छुरी से वार किए। इस दौरान बीच बचाव करने आई सत्ते की पत्नी ललिता और मां सावित्री पर भी बेरहमी से वार किए गए। वहीं, संजय के घायल भाई अनिल ने बताया कि श्याम व उसके भाई संजय का शव घसीटकर अपने घर पर ले गए और बरामदे में डाल दिया।
हत्यारोपी का पुलिस निगरानी में चल रहा उपचार
घटना में संजय के भाई सत्ते, भाभी ललिता, भतीजा शिवा, मां सावित्री, मौसी का बेटा अनिल, चाचा का लड़का प्रेम, भतीजा अमरदीप व संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें तुरंत उपचार के लिए चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। चिकित्सकों ने आठ घायलों में से प्रेम, अमरदीप व संदीप की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद पीजीआई रेफर कर दिया। वहीं, हत्यारोपी परिवार से इकलौते घायल फौजी मदन को चोटें आई हैं। पुलिस निगरानी में उसका उपचार चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में चल रहा है।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लगाया जाम
उधर मृतक संजय के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर शाम गांव मोरवाला के समीप दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग जाम कर दिया। गिरफ्तारी न होने से गुस्साएं परिजनों ने संजय के शव को भी सड़क के बीचों बीच चारपाई डाल रख दिया और मौके पर एसपी प्रतीक्षा गोदारा को बुलाने की मांग पर अड़ गए। परिजनों व ग्रामीणों को समझाने दादरी डीएसपी सुरेश हुड्डा मौके पर पहुंचे मगर बिफरे परिजनों ने उनकी एक न सुनी और आरोपियों की गिरफ्तारी प्रक्रिया पूरी होने तक शव को सड़क से न उठाने और अंतिम संस्कार न करने की बात पर अड़े रहे। खबर लिखे जाने तक आश्वासनों के बावजूद पुलिस जाम खुलवाने में नाकामयाब रही थी।
घटना में प्रयोग की गई छुरी पुलिस ने बरामद कर ली है। तनाव की स्थिति देख पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। संजय के शव का पोस्टमार्टम करवाकर मदन, श्याम व सचिन के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल फौजी मदन का अस्पताल में उपचार चल रहा है जबकि अन्य दो आरोपी अभी फरार है।
सुरेश हुड्डा, डीएसपी दादरी