भिवानी में एक किशोर द्वारा आश्रम के वार्डन पर गलत काम कराने के आरोपों से आश्रम में हड़कंप मचा है। पुलिस ने मंगलवार को आश्रम में पहुंचकर यहां रहने वाले 11 लड़कों के बयान दर्ज किए। हालांकि अभी आरोप लगाने वाले किशोर के बयान अभी बाकी है। आश्रम सदस्यों के साथ आश्रम में रहने वाले बच्चे भी वार्डन के पक्ष में खड़े है।
उल्लेखनीय है कि नौ अक्तूबर 2015 को बाल आश्रम में एक किशोर को छोड़ा गया था जो 28 दिसंबर 2015 को यहां से भाग गया। बाद में उसे पुलिस ने दूसरे जिले में ढूंढा। चार जून 2016 को दोबारा सीडब्ल्यूसी ने बच्चे को बाल आश्रम में रखवाया और 13 जून को बच्चा चरखी दादरी की परिवर्तन सोशल एंड वेलफेयर सोसायटी के पास अस्थाई तौर पर छोड़ा गया। यहां से किशोर फरार हो गया। रोहतक से किशोर ने स्वयं फोन कर परिवर्तन संस्था के सदस्यों को अपनी जानकारी दी। जिसके बाद टीम सदस्य बच्चे को रोहतक से लाए। बाल संरक्षण अधिकारी जब बच्चे को बाल आश्रम में छोड़ने आए तो यहां आश्रम सदस्यों ने रखने से इंकार कर दिया। आश्रम सदस्यों ने बताया कि यह बार-बार भाग रहा है और आश्रम की बदनामी हो रही है। इसी दौरान किशोर ने भी आश्रम के वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए। किशोर ने यौन शोषण के आरोप लगाए। आरोपों के बाद अब पुलिस और बाल संरक्षण सोसायटी मामले की जांच में जुटी है। कमेटी सदस्यों ने मंगलवार को आश्रम में पहुंचकर यहां रहने वाले 11 किशोरों के बयान दर्ज किए। आश्रम के स्टाफ सदस्य व बच्चे वार्डन के साथ है मगर किशोर के आरोपों से पूरे आश्रम में हड़कंप मचा है। आश्रम सुपरिंटेंडेंट रामनिवास शर्मा ने बताया कि आरोप बेबुनियाद हैे। वार्डन ने बताया कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और यह किसी की साजिश है।
किशोर ने वार्डन पर यौन शोषण के आरोप लगाए है और वार्डन पर प्राथमिकी की तौर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। किशोर ने अभी मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान नहीं दिए है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आश्रम में रह रहे अन्य लड़कों के बयान लिए गए है।
हरिवल्लभ सिंह, इंचार्ज, टीआईटी चौकी