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फर्जी उम्र दस्तावेजों के आधार पर हुआ सेना में भर्ती हुए युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Wed, 04 May 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
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सेना ‌ - फोटो : अमर उजाला
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 हरियाणा बोर्ड की मार्कशीट में फर्जी उम्र लिखवाकर सेना में भर्ती होने पर लोहानी निवासी पूर्व सैनिक के बेटे पर सैन्य अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपी झोझूकलां में दो माह पूर्व हुई भर्ती रैली में भाग लेकर सेना में भर्ती हुआ था। बैंगलोर में ट्रेनिंग कर रहे आरोपी को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। हैरत की बात तो यह है कि बीडीओ व सरपंच ने भी अपनी वेरिफिकेशन में आरोपी युवक के दस्तावेजों को सही ठहराते हुए अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सेना से छुपाई। आरोपी ने वास्तविक उम्र से 11 साल छोटी अपनी उम्र कागजातों में दिखाई है। सैन्य अफसरों ने अब मामले की जांच पुलिस को सौंपकर कोर्ट की शरण लेकर कार्रवाई की रणनीति बनाई है। अधिकारियों की मानें, तो चार-पांच अभी और संदिग्ध मामले हैं, जिनकी जांच चल रही है।
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चरखी दादरी भर्ती कार्यालय निदेशक कर्नल राजेश शर्मा ने बताया कि भिवानी के गांव लोहानी निवासी नरेंद्र ने झोझूकलां में 6 फरवरी से आयोजित की गई भर्ती रैली के जरिए सेना में प्रवेश पाया था। इस दौरान उसने उम्र के लिए हरियाणा शिक्षा बोर्ड का सर्टिफिकेट सेना कार्यालय में जमा करवाया था। इसमें भर्ती उम्मीदवार ने अपना जन्म वर्ष 1996 दिखाया था। इस दौरान उम्मीदवार पर शक होने पर सैन्य अफसरों ने बीडीओ और गांव के सरपंच को वेरिफिकेशन के लिए पत्र लिखा था। दोनों ने न केवल नरेंद्र की फर्जी उम्र को सही ठहराया बल्कि उसके पिता के पूर्व सैनिक और छोटे भाई के फिलहाल सेना में होने की बात को भी छुपाया। वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी नरेंद्र के बैंगलोर ट्रेनिंग पर जाने के बाद ही भर्ती कार्यालय में भेजी गई। मगर सेना अधिकारियों द्वारा आरोपी का पुराना रिकार्ड को खंगालने पर सारी सच्चाई सामने आ गई। इसके तुरंत बाद सेना ने बैंगलोर ट्रेनिंग कर रहे आरोपी नरेंद्र पर एफआईआर दर्ज करवा उसे दादरी सिटी पुलिस को सौंप दिया।

पिछली सेना भर्ती में भी आरोपी ने दिखाई थी उम्र कम
कर्नल शर्मा ने बताया कि आरोपी नरेंद्र छह साल पहले भी सेना भर्ती में शामिल हुआ था। इस दौरान जमा करवाए गए दस्तावेजों में उसने 1991 में अपना जन्म दिखाया था। उसके पिता भी बैंगलोर सेंटर में ही तैनात थे, जब सेना ने उनका रिकार्ड खंगाला तो उसमें नरेंद्र की वास्तविक जन्मतिथि 1985 पाई गई। ऐसे में 2010 की भर्ती रैली में भी नरेंद्र ने वास्तविक उम्र से छह साल कम उम्र दिखाई थी।
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रिपोर्ट देरी से भेजने पर अफसर लीगल काउंसलर से ले रहे मशवरा
बीडीओ व सरपंच से सेना भर्ती कार्यालय ने 11 मार्च को पत्र लिखकर नरेंद्र की वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट मांगी थी। इस दौरान जानकारियां छुपाने के साथ-साथ वेरिफिकेशन रिपोर्ट 29 मार्च को सेना कार्यालय पहुंची। तब तक नरेंद्र को एएससी (आर्मी सप्लाई कोर) यूनिट की ट्रेनिंग के लिए बैंगलोर भेज दिया गया था। रिपोर्ट भेजने में की जानबूझकर की गई देरी को लेकर सैन्य अफसर लीगल काउंसलर से भी राय मशवरा कर रहे हैं।

ये मांगी थी जानकारी
सेना अधिकारियों ने बीडीओ और सरपंच से जो जानकरी मांगी थी, उनमें पिता का व्यवसाय, परिवार सदस्यों की संख्या, सबका व्यवसाय और उम्मीदवार की वैवाहिक स्थिति की जानकारी शामिल थी। बीडीओ और सरपंच ने जो जवाब दिया, उसमें बताया गया कि उम्मीदवार के पिता की मौत हो चुकी है, वो चार भाई और तीन बहन है, सभी का व्यवसाय कृषि है और उम्मीदवार अवैवाहिक है। 

वेरिफिकेशन सरपंच से करवाई गई थी। वेरिफिकेशन रिपोर्ट पर मैंने तो सिर्फ काउंटर साइन किए थे, जो तथ्य मेरी जानकारी में आए वो भेज दिए गए।
सुभाषचंद, बीडीपीओ

मैंने और ग्राम सचिव राजेश ने नरेंद्र की वेरिफिकेशन रिपोर्ट तैयार की थी। हमें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसका छोटा भाई भी सेना में है। पिता के व्यवसाय संबंधित हमसे कोई तथ्य नहीं मांगा गया था।
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अशोक कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, लोहानी
 
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