सरकार गर्भवती महिलाओं को हर सुविधा मुहैया करवाने का दावा करती है, लेकिन कस्बे के सामान्य अस्पताल में एंबुलेंस सेवा न मिलने पर एक गर्भवती महिला को निजी वाहन में प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। वार्ड आठ की रहने वाली महिला मेशो देवी को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। जिसके बाद उसका पति रणजीत उसे सामान्य अस्पताल लेकर आया। इलाज के दौरान वहां कि स्टाफ नर्स ने उन्हें भिवानी के लिए रेफर कर दिया। रणजीत के अनुसार नर्स ने बच्चे को मशीन में रखने को लेकर उसकी पत्नी को रेफर किया। रेफर के बाद उन्होंने एंबुलेंस कंट्रोल रूम फोन किया। इसके बाद एंबुलेंस कंट्रोल रूम ने बवानीखेड़ा की एंबुलेंस खराब होनी की बात कहकर करीब आधे घंटे में सेवा उपलब्ध होने की बात कही।
रणजीत ने बताया कि स्टाफ नर्स उन पर जल्दी से जल्दी भिवानी ले जाने का दबाव बना रही थी इसलिए उन्होंने निजी वाहन से भिवानी जाने का फैसला किया। उनके साथ उनकी माता पार्वती, चाची बिमला देवी और शकुंतला उनके छोटे भाई की पत्नी थी। निजी वाहन से जब वो भिवानी जाने लगे तो गांव जाटू लोहारी के पास उनकी पत्नी की प्रसव पीड़ा बढ गई और उसने निजी वाहन में ही बेटी को जन्म दे दिया। बेटी के जन्म के बाद वो वापिस महिला और बच्चे को लेकर कस्बे के सामान्य अस्पताल पहुंचे जहां महिला और उसकी बेटी का इलाज चल रहा है।
सामान्य अस्पताल के चिकित्सक नीरज कौशिक ने बताया कि एंबुलेंस सेवा के लिए कंट्रोल रूम देखरेख करता है। सामान्य अस्पताल की एंबुलेंस खराब होने की वजह से गर्भवती महिला को परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।