अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। घंटाघर चौक से बर्तन बाजार चौक तक की करीब 800 दुकानों में से करीब 400 दुकानें ऐसी हैं जो सड़क पर लगाई पीली पट्टी तक सजी हैं। वहीं शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नगर परिषद और पुलिस प्रशासन को लेकर अभियान चलाया है। नगर परिषद कर्मचारी अतिक्रमण हटा रहे हैं तो पीछे फिर से दुकानें सजती चली जा रही हैं। वहीं नप कर्मचारी अभियान शुरू करते हैं, तभी पूरे बाजार के दुकानदारों के फोन कॉल, एमएसएम, व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना पहुंच जाती है और वे सामान अंदर कर लेते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन का यह अभियान भी दुकानदारों के सामने नाकाफी है। वहीं मार्केट के दुकानदार मांग कर रहे है कि उन्हें पीली पट्टी तक सामान रखने की अनुमति दी जाए।
शहर में ट्रैफिक की बिगड़ी व्यवस्था बड़ी परेशानी बनी हुई। जिसको लेकर नगर परिषद ने लगातार एक सप्ताह तक शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। वहीं ट्रैफिक पुलिस ने भी नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर पांच सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान कर वाहन इंपाउंड किया जा रहा है। पांच सौ रुपये जुर्माने में एक सौ रुपये का नो पार्किंग जोन का चालान किया जाएगा और चार सौ रुपये की नगर परिषद की जुर्माना रसीद काटी जाएगी।
शनिवार को भी नगर परिषद ने अभियान शुरू किया और शहर में जगह-जगह बिना अनुमति लगे होर्डिंग-बैनर हटाये। एक कर्मचारी की माता के निधन के चलते अतिक्रमण हटाओ अभियान पूरी तरह नहीं चलाया गया।
नगर परिषद की ओर से शहर के बाजारों में पीली पट्टी खिंचाई गई है जो नाले से करीब तीन से चार फीट तक दूर खिंची गई है। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि ये जगह वाहन चालकों के वाहन खड़े करने के लिए है जबकि अधिकतर दुकानदारों ने अपनी दुकानें पीली पट्टी तक सजा रखी है। घंटाघर चौक से बिचला बाजार चौक तक चार सौ से अधिक दुकानें पीली पट्टी तक सजी हैं।
यहां पूरे फुटपाथ पर कब्जा
नया बाजार में फुटपाथ पर पूरी तरह दुकानदारों का कब्जा है। पांच से आठ फीट के फुटपाथ पर पूरी तरह दुकानदारों का कब्जा है। ऐसे में राहगीर सड़क से गुजर रहे हैं तो लोग वाहन भी सड़कों पर ही खड़े कर रहे हैं।
नगर परिषद के साथ पहले हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि पीली पट्टी तक की जगह दुकानदारों को दी जाती है। इसमें चाहे वे सामान रखे या वाहन खड़ेे करें। पीली पट्टी से बाहर कुछ न आए। अब शुक्रवार को विवाद के बाद दुकानदार ने वाहन खड़े होने से रोकने के लिए तकत रख रखा था। जिसे नप ने जब्त कर लिया है।
भानूप्रकाश, अध्यक्ष, नगर व्यापार मंडल
दुकानदारों के बाहर नाला है जो करीब ढाई से तीन फीट चौड़ा है। दुकानदारों की मांग पर दुकानदारों को नाले की जगह दी गई थी कि नाले तक अपनी दुकानें रखे। नाले से साढ़े तीन से चार फीट की दूरी पर पीली पट्टी खिंची गई है ताकि दुकानों पर आने वाले उपभोक्ता अपने साधन खड़े कर सकें। मगर अब दुकानदारों ने पीली पट्टी तक अपनी दुकानें ही सजा रखी है।
संजय कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद